Home Ministry: एक्शन और एग्जीक्यूशन का स्केल बढाना जरूरी

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नशों के खिलाफ सख्त नीति अपनाने के साथ ही राज्यों से कहा कि वे तीन प्रकार के कार्टेल, एंट्री-पॉइंट ऑपरेट करने वाले, एंट्री-पॉइंट से राज्य तक वितरण करने वाले, और स्थानीय स्तर पर बिक्री तक पहुंचने वाले पर एक समेकित रणनीति बनाएं और जिला पुलिस को इस कार्य में सक्रिय रूप से शामिल करें.

Home Ministry: राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) प्रमुखों के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन में नशों के खिलाफ सरकार की सख्त नीति और तेजी से क्रियान्वयन पर जोर दिया गया. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो(एनसीबी) की वार्षिक रिपोर्ट-2024 जारी की गयी और ऑनलाइन ड्रग विनष्टीकरण अभियान की शुरुआत की गयी. दो दिवसीय सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एएनटीएफ  प्रमुख तथा संबंधित विभागों के हितधारक भाग ले रहे हैं.

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि नशामुक्त भारत अभियान वर्तमान में 372 जिलों में चल रहा है और 10 करोड़ लोगों तथा 3 लाख शैक्षणिक संस्थानों से जुड़ा हुआ है. फिर भी हर जिले व हर शैक्षणिक संस्थान तक इसे विस्तारित करना आवश्यक है. क्योंकि जब तक उपलब्धता समाप्त नहीं होगी, नशे के रोगी चिकित्सा सहायता की ओर नहीं आएंगे. इसलिए ज़ब्ती हुई दवाओं का नियमित, वैज्ञानिक तरीके से विनष्टीकरण प्रत्येक राज्य में तिमाही आधार पर होना चाहिए.

पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की जरूरत

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार न केवल छोटे डीलरों पर, बल्कि बड़े ड्रग कार्टेल्स पर भी रुथलेस कार्यवाही कर रही है. देश में 11 स्थानों पर लगभग 4,800 करोड़ मूल्य के करीब 1,37,917 किलोग्राम ड्रग्स नष्ट किए गए हैं. अब ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई का पैमाना बदलना ज़रूरी है. कार्रवाई और एग्जीक्यूशन का स्केल बड़ा करना होगा ताकि प्रवेश बिंदु से लेकर स्थानीय बिक्री तक पूरे नेटवर्क को निशाना बनाया जा सके.

तीन रणनीति अपनाने की जरूरत


गृह मंत्री ने तीन रणनीति अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि रूथलेस अप्रोच (सप्लाई चेन तोड़ना), स्ट्रैटेजिक अप्रोच (डिमांड रिडक्शन) और ह्यूमन अप्रोच (हार्म रिडक्शन) की जरूरत है. साथ ही कार्टेल पर प्रभावी चोट पहुंचाने के लिए डार्कनेट, क्रिप्टो करेंसी, संचार पैटर्न, लॉजिस्टिक्स व वित्तीय फ्लो का एनालिसिस, मेटाडेटा विश्लेषण और मशीन लर्निंग जैसे आधुनिक तकनीकी साधनों का उपयोग आवश्यक है. 

उन्होंने राज्यों से कहा कि वे तीन प्रकार के कार्टेल, एंट्री-पॉइंट ऑपरेट करने वाले, एंट्री-पॉइंट से राज्य तक वितरण करने वाले, और स्थानीय स्तर पर बिक्री तक पहुंचने वाले पर एक समेकित रणनीति बनाएं और जिला पुलिस को इस कार्य में सक्रिय रूप से शामिल करें. उन्होंने हर राज्य के एएनटीएफ प्रमुखों से कहा कि वे अपनी-अपनी टीमों के साथ मिलकर सिंथेटिक ड्रग लैब्स की पहचान कर उन्हें नष्ट करने की कार्रवाई तेज करें. इस मौके पर केंद्रीय गृह सचिव, एनसीबी के महानिदेशक तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे. इस दो दिवसीय सम्मेलन में 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के एएनटीएफ  प्रमुख तथा संबंधित विभागों के हितधारक भाग ले रहे हैं.

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Published by: Anjani kumar singh

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