उत्तर भारत में भारी बारिश का कहर, तस्वीरों में देखें हालात

हिमाचल प्रदेश में बारिश का कहर जारी है जहां बीते दो दिन में अचानक आयी बाढ़ और भूस्खलन में 18 लोगों की मौत हो चुकी है. अकेले शिमला जिले में सोमवार को भूस्खलन ने चार और लोगों की जान चली गयी. तस्वीरों में देखें हालात

उत्तर भारत में मूसलाधार बारिश का कहर सोमवार को भी जारी रहा. दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर गया. इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है.

वहीं, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. नदियां उफान पर हैं. जरूरी सेवाएं प्रभावित हुई हैं.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भूस्खलन व बाढ़ की अलग-अलग घटनाओं में अब तक 40 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. बारिश से सबसे अधिक हिमाचल प्रदेश प्रभावित है. मनाली में फंसे 20 लोगों को बचा लिया गया, लेकिन राज्य के विभिन्न हिस्सों में 300 और लोग फंसे हुए हैं.

हिमाचल के सीएम ने लोगों से अपील की कि वे बारिश में घरों से बाहर निकलने से बचें, खासकर नदियों और नालों के पास. मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भारी बारिश जारी रहने की चेतावनी दी है. पंजाब के पटियाला में संकट से निबटने के लिए सेना को बुलाना पड़ा़

मध्य प्रदेश के जबलपुर में भेड़ाघाट के पास उफनती नर्मदा नदी में एक टापू पर फंसे चार लोगों को एनडीआरएफ ने 13 घंटे से अधिक समय के अभियान के बाद बचा लिया.

रामबन में जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग के एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो जाने के कारण सोमवार को लगातार तीसरे दिन जम्मू से आगे की अमरनाथ यात्रा स्थगित रही. जम्मू में, खासकर भगवती नगर आधार शिविर में 6,000 से अधिक तीर्थयात्री फंसे हुए हैं, जबकि रामबन जिले में चंद्रकोट आधार शिविर पर 5,000 से अधिक यात्री फंसे हुए हैं. वहीं, अमरनाथ जाने के लिए बड़ी संख्या में तीर्थयात्री जम्मू पहुंच रहे हैं.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बारिश के कारण हुए भूस्खलन के कारण कई वाहन मलबे में दब गये जिससे तीन की मौत हो गयी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों से स्थिति के बारे में बात की. उन्हें केंद्र सरकार से हर संभव मदद और सहयोग का आश्वासन दिया है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के विभिन्न हिस्सों में अत्यधिक बारिश से पैदा हुई स्थिति की वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा भी की.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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