हरिद्वार : उत्तराखंड के हरिद्वार में आज सोमवती अमावस्या के दिन यहां के 13 अखाड़ों के साधु-संत शाही स्नान करेंगे. हालांकि, हरकी पैड़ी में सोमवार की अहले सुबह से ही मेले में आने वाले श्रद्धालु मां गंगा में डुबकी लगा रहे हैं. शाही स्नान के लिए हरकी पैड़ी पर भारी भीड़ उमड़ रही है. इस भारी भीड़ में कोरोना नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं. आलम यह कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ के आगे पुलिस-प्रशासन भी बेबस नजर आ रहा है.
कुंभ मेला आईजी संजय गुंजयाल के अनुसार, हरकी पैड़ी पर शाही स्नान करने वाले श्रद्धालुओं को सुबह सात बजे तक ही अनुमति दी जाएगी. उसके बाद यह क्षेत्र अखाड़ों के लिए आरक्षित होगा. उन्होंने कहा कि हम लोगों से लगातार कोरोना नियमों के पालन की अपील कर रहे हैं, लेकिन भारी भीड़ के कारण आज चालान करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है.
मेला आईजी ने कहा कि घाटों पर सोशल डिस्टेंसिंग को सुनिश्चित करना बहुत मुश्किल है. उन्होंने कहा कि अगर हम घाटों पर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को लागू कराने की कोशिश करेंगे, तो भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है. उन्होंने कहा कि हम यहां सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को लागू कराने में असमर्थ हैं.
बता दें कि महाकुंभ का पहला शाही स्नान 11 मार्च को शिवरात्रि के दिन हो चुका है, जबकि मुख्य स्नान 14 अप्रैल को होगा. इस महीने कुल 3 शाही स्नान होंगे, जिसमें 12 अप्रैल सोमवती अमावस्या को दूसरा शाही स्नान होगा. इसके बाद 14 अप्रैल मेष सक्रांति तथा 27 अप्रैल को पूर्णिमा का स्नान होगा. मेले के मद्देनजर हरिद्वार को कई जोन तथा सेक्टरों में बांटा गया है. इस बार मेला प्रशासन की ओर से कई नए घाट बनाए गए हैं.
प्रदेश सरकार ने कुंभ मेला अवधि 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तय की है. 31 मार्च की रात 12.00 बजे से मेले में प्रवेश के लिए श्रद्धालुओं को सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइंस का पालन करना होगा. लोगों को मेला क्षेत्र में मास्क (Mask) लगाकर रखना होगा. साथ ही, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए सैनिटाइजेशन समेत अन्य कोविड प्रोटोकॉल्स का भी ख्याल रखना होगा. एंट्री के पहले अब हर श्रद्धालुओं को पहले से ही रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा.
Posted by : Vishwat Sen
