बिना डांट-फटकार बच्चे से कैसे करवाएं होमवर्क? जानें स्मार्ट पैरेंटिंग टिप्स

होमवर्क को लेकर रोज होने वाली बहस से परेशान हैं? अगर आपका बच्चा पढ़ाई से बचता है और घर का माहौल स्ट्रेस से भरा हो जाता है, तो यह आर्टिकल आपके लिए मददगार साबित हो सकता है. जानिए आसान और असरदार पैरेंटिंग टिप्स, जिनकी मदद से बिना डांट-फटकार के बच्चे को होमवर्क की आदत सिखाई जा सकती है.

आज के समय में यह लगभग हर घर की समस्या बन गयी है कि बच्चे होमवर्क करना ही नहीं चाहते। जैसे ही बात होमवर्क करने की होती है तो बच्चे अपने ही पैरेंट्स से बहस करने लगते हैं कई बार तो बात डांट और मार तक भी पहुंच जाती है. ऐसा इसलिए भी होता है क्योंकि बच्चे पढ़ाई से दूर भागते हैं और पैरेंट्स इस बात को लेकर बार-बार उन्हें टोकते रहते हैं. जब ऐसा लंबे समय तक होता रहता है तो यह एक तरह की आदत बन जाती है और यह आपके घर के माहौल को भी खराब कर देता है. अगर आप भी हर दिन इस समस्या से जूझते हैं तो आज की पैरेंटिंग टिप्स खास आपके लिए ही है. आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप हर दिन की इस समस्या को आसानी से खत्म कर सकते हैं. चलिए इनके बारे में जानते हैं विस्तार से.

होमवर्क से क्यों भागते हैं बच्चे?

अगर आपके बच्चेह होमवर्क से दूर भाग रहे हैं तो आपके लिए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि, आखिर वे ऐसा क्यों कर रहे हैं. बता दें आपके बच्चे कभी भी होमवर्क नहीं करने को लेकर जानबूझकर आपके सामने जिद नहीं करते हैं. कई बार ऐसा भी होता है कि वे स्कूल की वजह से थके हुए होते हैं या फिर उन्हें पढ़ाई करना काफी ज्यादा कठिन लगने लगता है. कुछ ऐसे बच्चे भी होते हैं जिन्हें लंबे समय तक एक ही जगह पर बैठे रहना पसंद नहीं होता है. बता दें जब आपके बच्चे के लिए पढ़ाई एक प्रेशर बन जाता है, तो वह उससे दूरी बनाने लगता है.

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होमवर्क के लिए टाइम फिक्स करें

जब आपके बच्चे हर दिन अलग-अलग समय पर होमवर्क करने बैठते हैं, तो उनका मन नहीं लगता है. आपको इस बात की कोशिश करनी चाहिए कि आप उन्हें हर दिन एक फिक्स समय पर ही होमवर्क करने के लिए बैठाएं. आप उन्हें थोड़ा सा आराम और नाश्ते के बाद होमवर्क करवाने बैठा सकते हैं. जब यह उनकी रूटीन में शामिल हो जाता है, तो वे मेंटली तैयार रहने लगते हैं होमवर्क करने के लिए और बहाने भी नहीं बनाते हैं.

पढ़ाई को सजा नहीं, आदत बनाएं

अक्सर पैरेंट्स के मुंह से यह सुनने को मिलता है कि ‘पहले होमवर्क करलो, तभी तुम्हें खेलने मिलेगा’. बता दें जब आप अपने बच्चे से ऐसा कहते हैं तो उसे पढ़ाई एक सजा की तरह लगने लगता है. आपको ऐसा न करके पढ़ाई को उसके लिए एक जनरल रूटीन का हिस्सा बनाना चाहिए. अगर जरूरत पड़े तो उसे बीच-बीच में ब्रेक दें ताकि वह बोर न हो.

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साथ बैठें, लेकिन प्रेशर न बनाएं

कई बार ऐसा भी होता है कि पैरेंट्स हर समय अपने बच्चे की कॉपी चेक करने लगते हैं, या फिर उन्हें बार-बार टोकने लग जाते हैं. आपकी यह आदत आपके बच्चे को परेशान कर देती है. बेहतर होगा कि होमवर्क करते समय आप उनके साथ बैठें और जरूरत पड़ने पर ही उनकी तरफ मदद का हाथ बढ़ाएं। इसके अलावा छोटी-छोटी बातों पर अपने बच्चे को डांटने से भी बचें। जब आपका बच्चे खुद में सुरक्षित महसूस करता है, तो वह खुद नयी चीजें सीखने की कोशिश करता है.

छोटे टार्गेट्स बनाएं

जब आप अपने बच्चे को पूरा होमवर्क एक साथ करने को दे देते हैं, तो उन्हें यह काम काफी बड़ा लगने लगता है. ऐसा न हो इसलिए आपको होमवर्क को छोटे-छोटे हिस्सों में बांट देना चाहिए. जैसे कि, शुरूआती 10 मिनट में लिखाई, फिर छोटा सा ब्रेक और फिर अगला टास्क. आपके ऐसा करने से बच्चा बिना स्ट्रेस लिए अपने कामों को पूरा कर लेता है.

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तारीफ जरूर करें

बच्चों को डांट से ज्यादा तारीफ प्रेरित करती है. अगर आपका बच्चा समय पर होमवर्क पूरा करने की कोशिश कर रहा है, तो उसकी तारीफ करने से पीछे न हटें. जब आप ऐसा करेंगे तो उसका कॉन्फिडेंस बढ़ता है और अगली बार खुद होमवर्क करने बैठ जाता है.

धैर्य रखें, गुस्सा नहीं

हर बच्चे के सीखने का तरीका अलग होता है. जब आप बच्चे पर बार-बार गुस्सा करते हैं तो वह पढ़ाई से दूर होने लग जाता है. वहीं, प्यार और धैर्य से समझाने पर उसके अंदर एक पॉजिटिव बदलाव आता है.

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लेखक के बारे में

By Saurabh Poddar

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