जेल से बाहर आया डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम, लेने पहुंची हनीप्रीत, तेज हुई राजनीति

Gurmeet ram rahim : गुरमीत राम रहीम डेरा के सिरसा स्थित मुख्यालय में अपने आश्रम पर दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के दोष में 20 साल कारावास की सजा काट रहा है. 40 दिन की पैरोल मिली जिसके बाद शनिवार की सुबह 6 बजकर 55 मिनट पर गुरमीत राम रहीम जेल से बाहर निकला.

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की चर्चा फिर एक बार होने लगी है. दरअसल हरियाणा की सुनारिया जेल में कारावास की सजा काट रहे डेरा प्रमुख एक बार फिर जेल से बाहर आ चुका है. 40 दिन की पैरोल मिली जिसके बाद शनिवार की सुबह 6:55 पर गुरमीत राम रहीम जेल से बाहर निकला. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उसे लेने खुद हनीप्रीत पहुंची थी. जेल से निकलने के बाद राम रहीम बागपत के लिए रवाना हो गया. बताया जा रहा है कि पैरोल की अवधि के दौरान वह बागपत में ही समय बिताएगा.

40 दिन की पैरोल

इससे पहले खबर आयी थी कि सुनारिया जेल में कारावास की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह की 40 दिन की पैरोल अर्जी स्वीकार कर ली गयी है. यह कदम आदमपुर विधानसभा उपचुनाव से ठीक पहले उठाया गया जिसके बाद से राजनीति तेज हो गयी है. यहां चर्चा कर दें कि आदमपुर में तीन नवंबर को उपचुनाव होने हैं.


जून में एक महीने की पैरोल

यदि आपको याद हो तो इससे पहले, डेरा प्रमुख को जून में एक महीने की पैरोल पर रिहा किया गया था और फरवरी में उसकी तीन सप्ताह की फर्लो मंजूर करने का काम किया गया था. गौर हो कि गुरमीत राम रहीम डेरा के सिरसा स्थित मुख्यालय में अपने आश्रम पर दो महिला अनुयायियों से बलात्कार के दोष में 20 साल कारावास की सजा काट रहा है. डेरा प्रमुख राम रहीम को अगस्त 2017 में पंचकूला में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की एक विशेष अदालत ने दोषी ठहराया था.

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गुरमीत राम रहीम को 2002 में डेरा प्रबंधक रंजीत सिंह की हत्या की साजिश रचने के लिए भी पिछले साल चार अन्य लोगों के साथ दोषी ठहराया गया था. डेरा प्रमुख और तीन अन्य लोगों को 2019 में 16 साल से अधिक समय पहले एक पत्रकार की हत्या के मामले में भी दोषी करार दिया गया था.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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