Election Commission: बिहार का चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव की कायम करेगा मिसाल

सोमवार को चुनाव तारीखों का एलान करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि बिहार में मतदाता सूची से नाम हटाने या जोड़ने के लिए आवेदन देने की प्रक्रिया जारी है. बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण ने साबित किया है कि देश की मतदाता सूची को त्रृटिपूर्ण बनाने का काम किया जा सकता है. बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम 24 जून 2025 को शुरू किया गया और मतदाता सूची का ड्राफ्ट एक अगस्त को प्रकाशित कर दिया गया.

Election Commission: बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरण 6 और 11 नवंबर को होगा. मतगणना 14 नवंबर को होगी. इस बार का बिहार विधानसभा चुनाव भारतीय इतिहास में सबसे अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और आसान होगा. सोमवार को चुनाव तारीखों का एलान करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि बिहार में मतदाता सूची से नाम हटाने या जोड़ने के लिए आवेदन देने की प्रक्रिया जारी है. बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण ने साबित किया है कि देश की मतदाता सूची को त्रृटिपूर्ण बनाने का काम किया जा सकता है. बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का काम 24 जून 2025 को शुरू किया गया और मतदाता सूची का ड्राफ्ट एक अगस्त को प्रकाशित कर दिया गया. आम नागरिकों को मतदाता सूची से जुड़ी शिकायतों के लिए एक सितंबर तक का समय दिया गया और अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित कर दी गयी. मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि 

22 साल बाद मतदाता सूची में व्यापक शुद्धिकरण किया गया और साथ ही 17 नए प्रयोग किए जा रहे हैं. चुनाव को पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी, सख्त निगरानी और व्यापक स्तर पर तैयारी की गयी है. बिहार में होने वाले चुनाव के लिए 243 जनरल, 38 पुलिस और 67 खर्च पर्यवेक्षक की तैनाती होगी. सभी पर्यवेक्षक राज्य के बाहर से होंगे और चुनाव आयोग के ‘आंख और कान’ होंगे. इनका काम मतदाताओं की समस्याओं को दूर कर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित कराना होगा. 

सुरक्षा के होंगे पुख्ता इंतजाम

मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि ईवीएम की आखिरी दो राउंड की गिनती से पहले पोस्टल बैलट की गिनती करना अनिवार्य होगा. देश में पहली बार बिहार के सभी 243 विधानसभा सीट के लिए जनरल पर्यवेक्षक और सभी 38 जिलों के लिए पुलिस पर्यवेक्षक की तैनाती होगी. साथ ही चुनाव से पहले जुड़े नये मतदाताओं के लिए नया वोटर कार्ड जारी किया जायेगा और सोशल मीडिया पर फेक खबर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. दुर्गम इलाकों में सुरक्षा और निगरानी के लिए 1100 पोलिंग स्टेशनों पर घोड़ों से पेट्रोलिंग की जाएगी. सभी पुलिस स्टेशनों को नकदी, शराब और अवैध लेनदेन पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने को कहा गया है. चुनाव से पहले ही केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को तैनात किया जाएगा. चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए इस बार सभी पोलिंग स्टेशनों पर वेबकास्टिंग की जाएगी और मतदान के दौरान मोबाइल फोन जमा करने के लिए हर मतदान केंद्र पर व्यवस्था होगी.  इस बार राज्य में 90712 मतदान केंद्र होंगे और कुल 7.42 करोड़ मतदाता हैं. इसमें 3.92 करोड़ पुरुष और 3.5 करोड़ महिला मतदाता है. 

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Author: Vinay Tiwari

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