कांग्रेस ने महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट पर उठाया सवाल, तो चुनाव आयोग ने दिया डेटा के साथ जवाब

Maharashtra Elections Voter Turnout: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव पर कांग्रेस लगातार सवाल उठा रही है. कांग्रेस ने वोटर लिस्ट पर भी सवाल उठाया है. इस बीच चुनाव आयोग ने डेटा के साथ कांग्रेस को करारा जवाब दिया है.

Maharashtra Elections Voter Turnout: चुनाव आयोग ने (ECI) वोटर टर्नआउट पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के सवाल का मंगलवार को डेटा के साथ जवाब दिया है. INC को दिए अपने विस्तृत जवाब में ECI ने बताया कि शाम 5 बजे के मतदान के आंकड़ों की तुलना अंतिम मतदान के आंकड़ों से करना क्यों गलत है? ECI ने बताया कि वास्तविक वोटर टर्नआउट को बदलना असंभव है. क्योंकि मतदान केंद्र पर मतदान बंद होने के समय उम्मीदवारों के अधिकृत एजेंटों के पास वोटर टर्नआउट का विवरण देने वाला वैधानिक फॉर्म 17C उपलब्ध होता है.

चुनाव आयोग ने पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी

चुनाव आयोग ने हाल ही में संपन्न महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस की शिकायतों का जवाब देते हुए चुनाव के दौरान मतदाता सूची तैयार करने और वोटर टर्नआउट की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया. ईसीआई ने बताया, फॉर्म 17सी किसी भी मतदान केंद्र पर डाले गए कुल मतों का अपरिवर्तनीय और एकमात्र वैधानिक स्रोत है और मतदान केंद्र बंद होने से पहले उम्मीदवारों को उपलब्ध करा दिया जाता है.

चुनाव आयोग ने कांग्रेस को डेटा के साथ दिया जवाब

चुनाव आयोग ने कांग्रेस को ठोस तथ्यों के साथ जवाब दिया कि जुलाई से नवंबर 2024 के बीच 50 एसी में 50000 मतदाताओं के औसत जुड़ने की उसकी शिकायत, जिसमें से 47 महायुति ने जीते हैं, तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है. तथ्य यह है कि केवल 6 एसी में इस अवधि के दौरान 50,000 से अधिक मतदाताओं की कुल वृद्धि हुई थी. इसलिए इस आधार पर 47 एसी में जीतने का सवाल ही नहीं उठता.

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रोल टू पोल भागीदारी, चुनाव आयोग ने दिए 60 से अधिक उदाहरण

चुनाव आयोग ने पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान राजनीतिक दलों या उम्मीदवारों की सक्रिय भागीदारी के लगभग 60 उदाहरण सूचीबद्ध किए हैं. आयोग ने दोहराया कि राजनीतिक दल, प्रमुख हितधारक होने के नाते, रोल टू पोल से लेकर चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में ईमानदारी से शामिल होते हैं. राजनीतिक दलों/उम्मीदवारों की सार्थक भागीदारी भारतीय चुनावी प्रक्रिया का प्रमुख स्तंभ है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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