Viral Video: कुत्ते ने टाइगर को ललकारा, चंद सेकंड में हुआ ऐसा हाल, वीडियो पर छिड़ी बहस

Viral Video: सोते हुए बाघ को नींद से जगाना और उसे ललकारना कितना भारी पड़ सकता है. सोशल मीडिया में वायरल हो रहे वीडियो को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है.

Viral Video: एक पुरानी भारतीय कहावत, सोते हुए शेर को कभी भी नींद से नहीं जगाना चाहिए. नींद से जगाने पर शेर और भी खूंखार हो जाता है. सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें कुत्ते ने बाघ को नींद से जगाकर भारी भूल कर दी. कुत्ते ने बाघ को केवल नींद से भर नहीं जगाया, बल्कि उसे लड़ाई के लिए भी ललकार दिया. फिर क्या था, बाघ ने चंद सेकंड में काम तमाम कर दिया.

रणथंभौर टाइगर रिजर्व का वीडियो वायरल

सोशल मीडिया में वायरल वीडियो को राजस्थान के रणथंभौर टाइगर रिजर्व का बताया जा रहा है. जिसमें एक बाघ सोया हुआ दिख रहा है. उसके बगल से एक कुत्ता जाता हुआ दिख रहा है. सोते बाघ को देखकर कुत्ता भागने की बजाय जोर-जोर से भौंकने लगता है. यही नहीं कुत्ता, बाघ की ओर लपक पड़ता है. बाघ तो आखिर बाघ है, उसने चंद सेकंड में कुत्ते की काम तमाम कर दी. बाघ ने कुत्ते को अपने जबड़े में दबाया और जंगल की ओर आराम से चल दिया. वीडियो को कर्नल डीपीके पिल्ले, पीएचडी, शौर्य चक्र, नाम के यूजर ने शेयर किया है. जिसे देखने के बाद लोगों को अलग-अलग प्रतिक्रिया आ रही है.

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T 120 के नाम से फेमस है रणथंभौर कुख्यात टाइगर

वायरल वीडियो में जो बाघ दिख रहा है, उसे रणथंभौर का कुख्यात टाइगर बताया जा रहा है. जिसे T 120 या किलिंग मशीन के नाम से जाना जाता है.

वायरल वीडियो पर आ रही लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रिया

बाघ और कुत्ते के वीडियो को देखकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रिया आ रही है. कुत्ते की बहादुरी या बेवकूफी को लेकर बहस भी छीड़ गई है. एक यूजर ने लिखा, “बहादुर कुत्ता भागने की बजाय बाघ के सामने खड़ा हो गया.”

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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