तमिलनाडु में विजय की टीवीके को कांग्रेस के समर्थन की खबरों पर डीएमके भड़क गई है. पार्टी के प्रवक्ता सर्वानन अन्नादुरई ने कहा कि कांग्रेस का यह कदम ‘पीठ में छुरा घोंपने’ जैसा है. उनके मुताबिक, यह सिर्फ डीएमके नहीं बल्कि तमिलनाडु की जनता और उनके जनादेश के साथ भी धोखा है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने यह फैसला पहले ही तय कर लिया था, यानी चुनाव प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही गठबंधन की तैयारी हो चुकी थी. डीएमके के ऐसे रिएक्शन से साफ है कि राज्य की सियासत में अब टकराव और तेज होने वाला है.
डीएमके ने हर मौके पर कांग्रेस का साथ दिया
डीएमके नेता ने कहा कि जीत के सर्टिफिकेट की स्याही भी नहीं सूखी थी और कांग्रेस ने तुरंत गठबंधन का रास्ता पकड़ लिया. उन्होंने याद दिलाया कि डीएमके ने हर मौके पर कांग्रेस का साथ दिया है. अन्नादुरई ने कहा कि एमके स्टालिन ने ही राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार तक आगे बढ़ाया था. इसके बावजूद कांग्रेस का यह कदम हैरान करने वाला है. उन्होंने गठबंधन के गणित पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह फैसला समझ से परे है.
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टीवीके को कम से कम 11 से 12 विधायकों के समर्थन की जरूरत
अन्नादुरई ने कहा कि सरकार बनाने के लिए टीवीके को कम से कम 11 से 12 विधायकों के समर्थन की जरूरत है. कांग्रेस के पास सिर्फ पांच विधायक हैं. इससे क्या फर्क पड़ेगा? अन्नादुरई ने कहा कि कांग्रेस टीवीके मंत्रिमंडल में महज दो सीट के लिए खुद को बर्बाद कर रही है. अन्नादुरई ने यह भी बताया कि अन्नाद्रमुक (AIADMK) ने भी टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया है. उन्होंने कहा कि तो टीवीके किसका समर्थन लेगी-पांच विधायकों का या 47 विधायकों का? ऐसे फैसले कौन लेता है, समझ नहीं आता… और यह देश के हित में भी नहीं है.
