West Bengal Post Poll Violence: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य के कई हिस्सों से हिंसा की तस्वीरें सामने आ रही हैं. मतगणना खत्म होने के 24 घंटे के भीतर ही बीरभूम जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक सक्रिय कार्यकर्ता की हत्या कर दी गयी. हावड़ा में पूर्व पार्षद पर जानलेवा हमला हुआ.
हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश
कोलकाता से लेकर सिलीगुड़ी तक टीएमसी के दफ्तरों में तोड़फोड़ और आगजनी की खबरें हैं. इस तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने सख्त रुख अपनाते हुए प्रशासन को ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने का निर्देश दिया है. अधिकारियों से कहा गया है कि वे हिंसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें.
बीरभूम में अबीर शेख की हत्या से सनसनी
सबसे बड़ी घटना बीरभूम जिले के नानूर में हुई है. पुलिस के अनुसार, टीएमसी अंचल समिति के सदस्य अबीर शेख की संतोषपुर गांव में बहस के बाद हत्या कर दी गयी. नानूर से टीएमसी विधायक बिधान माझी ने आरोप लगाया कि भाजपा के गुंडों ने इस वारदात को अंजाम दिया है. भाजपा नेता श्यामपद मंडल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है.
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टीएमसी सांसद ने सोशल मीडिया पर शेयर किया वीडियो, भाजपा विधायक कर रहे शांति की अपील
तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने इस घटना का वीडियो साझा करते हुए इसे ‘भयानक और दिल दहला देने वाला’ करार दिया है. दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता और विधायक लोगों से शांति बनाये रखने की अपील कर रहे हैं. लोगों से कह रहे हैं कि बंगाल में सरकार बदल गयी है. अब ‘बदले’ की नहीं ‘बदलाव’ की राजनीति करेंगे.
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West Bengal Post Poll Violence: कोलकाता से हावड़ा तक तांडव, फूंके गये पार्टी दफ्तर
सोमवार (4 मई) को मतगणना के बीच दोपहर से ही राज्य के विभिन्न हिस्सों में टीएमसी कार्यालयों को निशाना बनाया जा रहा है. घटनाओं का विस्तृत विवरण इस प्रकार है.
- टॉलीगंज और कस्बा : पूर्व मंत्री अरूप विश्वास और पार्षद सुशांत घोष के कार्यालयों में जमकर तोड़फोड़ की गयी. भीड़ में शामिल लोगों के हाथों में भाजपा के झंडे देखे गये.
- आगजनी की घटनाएं : सिलीगुड़ी, बहरमपुर और हावड़ा में टीएमसी दफ्तरों में आग लगा दी गयी. मुर्शिदाबाद में भी पार्टी कार्यालय पर हिंसक हमला हुआ है.
- नेताओं पर हमला : बैरकपुर में राज चक्रवर्ती और नोआपाड़ा में त्रिनांकुर भट्टाचार्य के साथ मारपीट की कोशिश हुई, जिन्हें केंद्रीय बलों ने सुरक्षित बाहर निकाला. मानिकतला में श्रेया पांडे के चुनाव प्रतिनिधि को भी पीटा गया.
- हावड़ा में पूर्व पार्षद लहूलुहान : वार्ड नंबर 26 के पूर्व पार्षद श्याममल मित्रा पर बदमाशों ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया.
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चुनाव आयोग ने कहा- हिंसा कतई बर्दाश्त नहीं होगी
बढ़ते बवाल को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला और डीजीपी सिद्धनाथ गुप्ता के साथ हाई-लेवल मीटिंग की. स्पष्ट निर्देश दिया है कि हिंसा करने वालों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाये, चाहे वे किसी भी दल के हों. स्थिति को काबू में रखने के लिए प्रशासन और केंद्रीय बलों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया गया है. आयोग ने पुलिस से हिंसा की सभी घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
भाजपा का पलटवार- यह 2021 जैसा नहीं
भाजपा नेता राहुल सिन्हा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि यह टीएमसी के भीतर के प्रतिद्वंद्वी गुटों की आपसी लड़ाई हो सकती है. उन्होंने कहा कि 2021 में टीएमसी ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले किये थे, लेकिन इस बार पुलिस और केंद्रीय बल तुरंत एक्शन ले रहे हैं. फिलहाल पूरे राज्य में भारी तनाव का माहौल है और कई संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की गश्त बढ़ा दी गयी है.
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