Punjab on Alert : अमृतसर में रात करीब 10:50 बजे खासा कैंटोनमेंट इलाके के पास धमाके जैसी आवाज सुनाई दी, जिससे हड़कंप मच गया. सूचना मिलते ही पुलिस और आर्मी की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई. अमृतसर के एसपी आदित्य एस वारियर ने बताया कि बम निरोधक दस्ता और फॉरेंसिक टीम को जांच के लिए लगाया गया है. अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि कितने धमाके हुए और असली वजह क्या है. उन्होंने कहा कि मौके से सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके. फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
जालंधर में इससे कुछ घंटे पहले, रात करीब 8 बजे बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर खड़ा एक स्कूटर अचानक आग की चपेट में आ गया. आसपास के लोगों ने तेज धमाके जैसी आवाज सुनने की बात कही, जिससे इलाके में डर फैल गया.हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी साफ नहीं है कि यह धमाका था या सामान्य आग लगने की घटना. पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने बताया कि शुरुआती जांच में स्कूटर में आग लगने की बात सामने आई है, लेकिन हर एंगल से जांच की जा रही है ताकि असली कारण पता चल सके.
किसी ने स्कूटर पर कुछ फेंका
स्कूटर के मालिक 22 साल के गुरप्रीत सिंह, जो कूरियर डिलीवरी का काम करते हैं, इस घटना में हल्के घायल हो गए. परिवार का कहना है कि वह स्कूटर से कुछ ही दूर गए थे, तभी अचानक धमाका हो गया. गुरप्रीत को शक है कि किसी ने स्कूटर पर कुछ फेंका था. घटना के बाद फॉरेंसिक टीम, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए और इलाके को घेर लिया गया.
पंजाब में ये दोनों घटनाएं ऐसे समय हुई हैं जब कुछ दिन पहले ही 27 अप्रैल को पटियाला के राजपुरा में रेलवे ट्रैक पर धमाके की कोशिश हुई थी, जिसमें आरोपी की मौके पर ही मौत हो गई थी. इससे बॉर्डर राज्य की सुरक्षा को लेकर नई चिंता खड़ी हो गई है.
कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल : शिरोमणि अकाली दल
विपक्षी दलों ने आम आदमी पार्टी सरकार पर जमकर निशाना साधा और कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल होने का आरोप लगाया. शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इन घटनाओं को बेहद गंभीर बताया और कहा कि बिना पूरी जांच के नतीजे निकाले जा रहे हैं, जिससे कहीं न कहीं लीपापोती की आशंका लगती है.
बीजेपी नेताओं ने भी आप सरकार पर हमला बोला
पंजाब बीजेपी नेताओं ने भी सरकार पर हमला बोला और जालंधर की घटना को बिगड़ती सुरक्षा का डरावना संकेत बताया. वहीं कांग्रेस नेताओं ने भी लापरवाही के मुद्दे उठाए और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की, ताकि लोगों का भरोसा वापस लौट सके.
सरकार की ओर से कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया
फिलहाल पंजाब सरकार की ओर से कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है. पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की जांच जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि असल में हुआ क्या था.
