Violence in Bengal : पुलिस के मुताबिक, न्यू टाउन में विजय जुलूस के दौरान कथित पिटाई में बीजेपी कार्यकर्ता मधु मंडल की जान चली गई. इससे पहले बीरभूम के नानूर में बीजेपी कार्यकर्ताओं पर आरोप लगा कि उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की धारदार हथियार से हत्या कर दी. वहीं न्यू टाउन में पुलिस के मुताबिक बहस के बाद टीएमसी कार्यकर्ताओं ने बीजेपी कार्यकर्ता मधु मंडल की पिटाई की. भल्लीगुड़ी इलाके में बीजेपी का विजय जुलूस निकलने के दौरान यह हुआ. उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. इसके बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इलाके में टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला किया. अधिकारी ने बताया कि स्थिति सामान्य करने के लिए केंद्रीय बलों को तैनात करना पड़ा. इससे पहले नानूर इलाके में एक झड़प में शेख की बेरहमी से हत्या कर दी गई.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, टीएमसी के नानूर अंचल समिति सदस्य अबीर शेख की बीरभूम के संतोषपुर गांव में ‘दूसरे गुट’ से बहस के दौरान हत्या कर दी गई. उनकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य शख्स घायल हुआ है, जिसकी पहचान अभी नहीं हो पाई है. इलाके में तनाव बना हुआ है, इसलिए तुरंत पुलिस बल तैनात कर दिया गया. वहीं, नानूर से टीएमसी के नवनिर्वाचित विधायक बिधान माझी ने आरोप लगाया कि शेख पार्टी के सक्रिय सदस्य थे और उनकी हत्या बीजेपी से जुड़े गुंडों ने की है.
एक्शन में आए मुख्य चुनाव आयुक्त
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल में हो रही हिंसा और तोड़फोड़ को लेकर सख्त रुख अपनाया है. उन्होंने साफ निर्देश दिया कि इसमें शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए. साथ ही राज्य के चीफ सेक्रेटरी, डीजीपी, कोलकाता पुलिस कमिश्नर और केंद्रीय बलों के अधिकारियों को कहा गया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखें. सभी जिलाधिकारियों, एसपी और पुलिस अधिकारियों को लगातार पेट्रोलिंग करने के आदेश दिए गए हैं, ताकि हालात काबू में रहें और लोगों में सुरक्षा का भरोसा बना रहे.
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हिंसा करने वाले हमारे लोग नहीं : बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष
कोलकाता में चुनाव के बाद हिंसा को लेकर बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि इक्का-दुक्का घटनाएं हो रही हैं और प्रशासन से बात की गई है. उनका कहना है कि कुछ लोग भगवा झंडे लेकर टीएमसी दफ्तरों में तोड़फोड़ कर रहे हैं, लेकिन ये हमारे लोग नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद बीजेपी पर बेवजह इल्जाम लगाए जा रहे हैं. समिक ने कहा कि पार्टी अपने स्तर पर भी हालात काबू करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने दावा किया कि नतीजों के बाद एक टीएमसी उम्मीदवार ने दिलीप घोष को फोन कर मदद मांगी, क्योंकि उसके ही लोग उसे धमका रहे थे.
