परिसीमन पर सियासी संग्राम : प्रियंका के चाणक्य वाले बयान पर भड़की बीजेपी, कांग्रेस को बताया धनानंद

Delimitation: लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन बिल के गिरने के बाद बीजेपी और कांग्रेस में जुबानी जंग जारी है. सियासी संग्राम में चाणक्य और धनानंद की भी एंट्री हो गई है. प्रियंका ने चाणक्य को याद कर अमित शाह पर हमला बोला था. तो बीजेपी ने कांग्रेस की तुलना धनानंद से कर दी.

Delimitation: महिला आरक्षण और परिसीमन पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने संसद में चर्चा करते हुए चाणक्य को याद कर लिया था. उन्होंने अमित शाह पर हमला करते हुए कहा था, अगर आज चाणक्य जिंदा होते तो वे भी शाह की राजनीतिक कुटिलता देखकर हैरान रह जाते. अब बीजेपी ने धनानंद को याद कर प्रियंका गांधी पर हमला बोला.

बीजेपी ने कांग्रेस को बताया धनानंद

BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा, मैं संसद सत्र में प्रियंका वाड्रा को सुन रहा था. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि BJP ने परिसीमन के लिए ऐसा किया. उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री की ओर देखते हुए कहा था, अगर आज चाणक्य जीवित होते, तो वे हैरान रह जाते. मैं उनसे कहना चाहता हूं कि अगर आज धनानंद जीवित होते, तो वे भारत में अपने जैसी ही एक वंशवादी पार्टी को देखकर हैरान रह जाते. ठीक वैसे ही जैसे उनका अपना नंद वंश था, जो भ्रष्ट था, और देश में कांग्रेस है. वे सोचते कि मेरे ही जैसे राहुल गांधी हैं और कांग्रेस पार्टी मौजूद है. इसलिए चाणक्य फिर से आए हैं. पात्रा ने आगे कहा- जब-जब धनानंद आएगा, तब-तब चाणक्य आएंगे, क्योंकि धनानंद लोगों के लिए अच्छे नहीं हैं.

धनानंद को हटाने के लिए चाणक्य को आना ही होता है : संबित पात्रा

संबित पात्रा ने कांग्रेस पर हमला जारी रखते हुए कहा- धनानंद (कांग्रेस) को हटाने के लिए चाणक्य (बीजेपी) को आना ही होता है. पात्रा ने आगे कहा- चाणक्य हमेशा देश की भलाई के बारे में सोचते थे. उन्होंने एक मिनट के लिए भी देश के खिलाफ नहीं सोचा. इसलिए, जब तक कांग्रेस जैसा धनानंद वंश मौजूद रहेगा, चाणक्य का उदय होगा, और धनानंद का साम्राज्य समाप्त हो जाएगा.

कौन थे धनानंद?

धनानंद नंद वंश का अंतिम राजा थे. उन्होंने ईसा पूर्व 4वीं शताब्दी में पाटलिपुत्र में शासन किया. उनके शासन काल में नंद साम्राज्य अपनी शक्ति, विस्तार और अपार धन-संपदा के कारण चरम पर था. हालांकि धनानंद को घमंडी और क्रुर राजा के रूप में भी याद किया जाता है. कठोर कर-वसूली के कारण प्रजा में असंतोष फैल गया था. यही असंतोष आगे चलकर चाणक्य और चन्द्रगुप्त मौर्य को जन्म दिया.

कौन थे चाणक्य?

चाणक्य जिन्हें कौटिल्य या विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता है, एक महान दार्शनिक, अर्थशास्त्री, राजनीतिज्ञ और तक्षशिला के आचार्य थे. उन्होंने धनानंद से अपने अपमान का बदला लिया और चंद्रगुप्त मौर्य को राजा बनाकर मौर्य साम्राज्य की स्थापना की. धनानंद ने एक बार अपने दरबार में चाणक्य का अपमान किया था, जिससे नाराज होकर चाणक्य ने कसम खाई थी, जब तक वे नंद वंश का सर्वनाश नहीं कर देंगे, तब तक अपनी शिखा नहीं बांधेंगे. दरअसल सिंकदर के आक्रमण को देखते हुए, चाणक्य भारत के एकीकरण का प्रस्ताव लेकर धनानंद के पास पहुंचे थे. तब धनानंद ने उनके प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और उनका अपमान भी किया था. बाद में चाणक्य ने चंद्रगुप्त मौर्य को शिक्षा देकर धनानंद के खिलाफ खड़ा किया. चंद्रगुप्त ने धनानंद को हराकर मौर्य साम्राज्य के पहले राजा बने.

ये भी पढ़ें: महिला आरक्षण : दिल्ली बनाम दक्षिण की लड़ाई अब तेज होगी

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >