Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट का सामने आया तुर्किये कनेक्शन, डॉ मुजम्मिल ने लालकिला क्षेत्र की कई बार की थी रेकी

Delhi Blast: दिल्ली ब्लास्ट का तुर्किये कनेक्शन सामने आया है. इसके साथ ही यह भी खुलासा हुआ है कि आतंकी मॉड्यूल के संबंध में गिरफ्तार किए गए डॉ मुजम्मिल गनई ने इस साल जनवरी में लाल किला क्षेत्र की कई बार रेकी की थी.

Delhi Blast: पुलिस के अनुसार डॉ मुजम्मिल गनई की ओर से की गई रेकी 26 जनवरी को ऐतिहासिक स्मारक को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश थी, जो उस समय क्षेत्र में गहन गश्त के कारण विफल हो गई होगी.

डॉ उमर और मुजम्मिल तुर्किये गए थे

जांच के दौरान खुलासा हुआ कि दो प्रमुख संदिग्ध, धमाके वाली आई20 हुंडई कार चला रहे डॉ उमर और मुजम्मिल तुर्किये गए थे. जांचकर्ताओं को उनके पासपोर्ट में तुर्किये के आव्रजन टिकट मिले हैं. अब इस बात की जांच की जा रही है कि क्या दोनों अपनी यात्रा के दौरान किसी विदेशी आका से भी मिले थे.

आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ होने के कुछ ही घंटे बाद दिल्ली में हुआ धमाका

पुलिस द्वारा जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने और तीन चिकित्सकों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार करने के कुछ ही घंटों बाद दिल्ली के लाल किला क्षेत्र के पास 10 नवंबर को एक धीमी गति से चलती कार में उच्च तीव्रता वाला विस्फोट हुआ, जिसमें 12 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए. पुलिस ने जम्मू कश्मीर, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में फैले आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ कर लगभग 2900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, पोटेशियम क्लोरेट और सल्फर जब्त किया था.

अल-फलाह विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर था डॉ उमर नबी

अधिकारियों ने बताया कि डॉ मुजम्मिल ने अपने साथी डॉ उमर नबी के साथ सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ की प्रवृत्ति का पता लगाने के लिए कई बार लाल किले का दौरा किया था. टावर लोकेशन डेटा और आसपास के इलाकों से एकत्र किए गए सीसीटीवी फुटेज के जरिए उनकी गतिविधियों की पुष्टि की गई है. ऐसा बताया गया है कि सोमवार को जिस कार में विस्फोट हुआ उसे डॉ उमर नबी चला रहा था जो अल-फलाह विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर था. 

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Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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