Defamation Cases : कांग्रेस नेता राहुल गांधी शनिवार को ठाणे जिले के भिवंडी स्थित मजिस्ट्रेट अदालत में पेश होने के लिए पहुंचे. बीजेपी कार्यकर्ताओं ने ठाणे जाते समय राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए. इसका वीडियो न्यूज एजेंसी पीटीआई ने जारी किया है. देखें वीडियो.
राहुल गांधी को काले झंडे क्यों दिखाए गए?
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को काले झंडे दिखाए. उन्होंने इसे AI समिट में युवा कांग्रेस के प्रदर्शन का रिएक्शन बताया. सामने आए वीडियो में नजर आ रहा है कि कुछ बीजेपी कार्यकर्ता राहुल गांधी की कार के सामने पहुंचकर विरोध करना चाहते थे. हालांकि पुलिस ने उन्हें रोक लिया.
राहुल गांधी के वकील ने क्या बताया?
वकील नारायण अय्यर ने बताया कि यह मामला भिवंडी के एक आरएसएस कार्यकर्ता द्वारा राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज की गई मानहानि का है. मामले में शिवराज पाटिल का निधन हो जाने के कारण नया शर्तपत्र देना पड़ा. राहुल गांधी ने स्पष्ट किया है कि वह मामले को आगे बढ़ाएंगे. सच सामने आएगा. उचित समय पर सबूत पेश किए जाएंगे. हमें न्यायिक प्रणाली पर पूरा विश्वास है.
व्यक्तिगत रूप से राहुल गांधी को उपस्थित होने के निर्देश क्यों?
कांग्रेस नेता के वकील नारायण अय्यर ने बताया कि राहुल गांधी को एक नया जमानतदार पेश करने के लिए कहा गया था. ऐसा इसलिए क्योंकि उनके मौजूदा जमानतदार (कांग्रेस नेता) शिवराज पाटिल का 12 दिसंबर को निधन हो गया. मामले में जब राहुल गांधी को जमानत मिली थी, उस समय पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल ही जमानतदार थे. वकील ने बताया कि न्यायाधीश ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष को नये जमानतदार से संबंधित औपचारिकताओं को पूरा कराने के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का विशेष रूप से निर्देश दिया था.
आरएसएस के स्वयंसेवक ने क्यों दायर की शिकायत?
आरएसएस के स्वयंसेवक राजेश कुंते ने अदालत में शिकायत दायर की थी. इसमें आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस नेता ने 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान सोनाले गांव में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि महात्मा गांधी की हत्या के पीछे संघ का हाथ था. कुंते ने भारतीय दंड संहिता की धारा 500 (मानहानि) के तहत अपनी शिकायत में कहा कि इस झूठी टिप्पणी से आरएसएस की छवि धूमिल हुई है.
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सुनवाई के दौरान कुंते से हो चुकी है जिरह
मामले की सुनवाई के दौरान कुंते से जिरह हो चुकी है. अगली सुनवाई पहले 20 दिसंबर 2025 के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन नये जमानतदार की आवश्यकता के कारण इसे 17 जनवरी तक स्थगित कर दिया गया. 17 जनवरी को मजिस्ट्रेट ने सुनवाई की तारीख बढ़ाते हुए 21 फरवरी निर्धारित की.
