India AI Impact Summit 2026: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के समापन के साथ ही भारत की एआई यात्रा अब स्कूलों तक पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रही है. शुक्रवार को भारत मंडपम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ‘एआई फॉर ऑल’ के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. इस दौरान प्रभात खबर के वरिष्ठ संवाददाता ने उनसे पूछा कि एआई को अंतिम स्तर तक पहुंचाने और भारत को एआई सुपरपावर बनाने के लिए क्या स्कूली शिक्षा में इसे अनिवार्य किया जाएगा और क्या सिलेबस में बदलाव की योजना है. इस पर मंत्री वैष्णव ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण सवाल है. उन्होंने बताया कि भारत को एआई के क्षेत्र में मजबूत बनाने के लिए युवाओं के साथ-साथ बच्चों को भी सशक्त करना जरूरी है और इस दिशा में शिक्षा मंत्रालय काम कर रहा है.
केंद्र और राज्य सरकार की साझेदारी जरूरी- वैष्णव
स्कूल कोर्स में एआई को लागू करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की साझेदारी जरूरी है. अगर राज्य सरकारें साथ दें, तो इसे स्कूली शिक्षा का अहम हिस्सा बना देंगे. उन्होंने इस बात पर बाल देते हुए कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत ही एआई को पाठ्यक्रम में शामिल करने की दिशा में काम तेज हो रहा है. समिट के दौरान वैष्णव ने मानव विजन को हाइलाइट करते हुए बताया कि भारतएआई मिशन के तहत 10,000 जीपीयू क्लस्टर से लैस कंप्यूटिंग इंफ्रा तैयार हो रही है, जो ग्रामीण स्तर पर एआई टूल्स (जैसे किसानों के लिए एआई एडवाइजरी ऐप्स) को सुलभ बनाएगी.
प्ले-बेस्ड लर्निंग के जरिए एआई को इंट्रोड्यूस करने का प्लान
उन्होंने कहा कि प्राइमरी स्तर पर एआई को प्ले-बेस्ड लर्निंग के जरिए इंट्रोड्यूस करने का प्लान है. इसमें कोडिंग गेम्स या स्मार्ट क्लासरूम टूल्स शामिल होंगे. शिक्षा मंत्रालय ने पहले ही एनसीईआरटी के साथ मिलकर सीबीएसइ सिलेबस में एआई मॉड्यूल जोड़े हैं, जो आने वाले दिनों में अनिवार्य हो सकते हैं. राज्य स्तर पर तमिलनाडु और कर्नाटक ने पायलट प्रोजेक्ट शुरू किए हैं, जहां 5वीं कक्षा से एआई बेसिक्स पढ़ाए जा रहे हैं.
सिर्फ डेटा सेंटर्स तक सीमित नहीं रहेंगे पैसे- वैष्णव
वैष्णव ने समिट के 200 बिलियन डॉलर के निवेश के वादों का जिक्र करते हुए कहा ये पैसे सिर्फ डेटा सेंटर्स तक सीमित नहीं रहेंगे. एआई को ग्रामीण भारत तक ले जाना हमारा मिशन है, चाहे वो किसान हो या स्कूली बच्चा. साथ ही उन्होंने कहा कि एक साल में करीब 20 लाख लोगों को एआई की ट्रेनिंग दी जायेगी. इसके लिए कई संस्थानों से बातचीत की जा रही है. दिल्ली से संदीप सावर्ण की रिपोर्ट
