दलजीत सिंह चौधरी को बीएसएफ का अतिरिक्त प्रभार, जानें पूर्व डीजी नितिन अग्रवाल पर क्यों गिरी गाज

BSF: सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक (डीजी) दलजीत सिंह चौधरी सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे.

BSF: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने शुक्रवार को बीएसएफ के महानिदेशक (डीजी) नितिन अग्रवाल और उनके डिप्टी विशेष डीजी (पश्चिम) वाई बी खुरानिया को तत्काल प्रभाव से उनके मूल राज्य कैडर में वापस भेज दिया था. अग्रवाल 1989 बैच के केरल कैडर के अधिकारी हैं.

उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं दलजीत सिंह चौधरी

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा शनिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश कैडर के 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी दलजीत सिंह चौधरी बीएसएफ महानिदेशक के पद का अतिरिक्त प्रभार इस पद पर नियमित तौर पर नियुक्ति होने तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो संभालेंगे. चौधरी एसएसबी के महानिदेशक हैं. एसएसबी नेपाल और भूटान के साथ भारत की सीमाओं की रक्षा करता है.

वाई बी खुरानिया पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा बल का नेतृत्व कर रहे थे

नितिन अग्रवाल ने पिछले साल जून में सीमा सुरक्षा बल के प्रमुख का कार्यभार संभाला था. विशेष डीजी (पश्चिम) के रूप में खुरानिया पाकिस्तान सीमा पर सुरक्षा बल का नेतृत्व कर रहे थे.

क्यों हुई कार्रवाई?

बीएसएफ के दो शीर्ष अधिकारियों को हटाने संबंधी सरकार का निर्णय ऐसे समय में आया है, जब भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर जम्मू क्षेत्र में आतंकवादी हमले हुए हैं, जिनमें बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों के साथ-साथ नागरिक भी मारे गए हैं. दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के पीछे यही कारण माना जा रहा है. क्योंकि इनके कार्यकाल में कई आतंकवादी घटनाएं हुईं. बीएसएफ पर भारत के पश्चिमी भाग में भारत-पाकिस्तान सीमा और पूर्व में बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी है.

उद्धव ठाकरे ने अमित शाह पर बोला हमला, कह दी ऐसी बात

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >