मणिपुर में महिलाओं की 'दादागीरी'! 12 खूंखार आतंकियों को छुड़ाया, 6वीं बटालियन पर हमले का मास्टरमाइंड भी छूटा

भारतीय सेना की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सुरक्षालों ने मणिपुर के इथम गांव में एक तलाशी अभियान चलाया था. सेना की तलाशी अभियान में 12 खूंखार आतंकियों को जवानों ने हिरासत में ले लिया. इस बीच मौके पर महिलाओं ने इकट्ठा होकर सभी आतंकियों को छुड़ा लिया.

Manipur Violence: भारत का पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर जल रहा है. मणिपुर हो कई दिनों से जारी हिंसा में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन हिंसा थमने का नाम ही नहीं ले रही है. इसी कड़ी में सुरक्षाबलों ने असम के इथम गांव में केवाईकेल के करीब 12 आतंकियों को हिरासत में ले लिया था, लेकिन इसी दौरान इनकी गिरफ्तारी के विरोध में महिलाओं ने मोर्चा खोल दिया और भीड़ जमा होने के कारण हिरासत में लिए आतंकियों को मजबूरन छोड़ना पड़ा.

खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई

सुरक्षा बलों ने 24 जून को इंफाल पूर्वी जिले के इथम गांव में विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर एक ऑपरेशन शुरू किया. ऑपरेशन के दौरान जवानों ने हथियारों, गोला-बारूद के साथ 12 केवाईकेएल कैडर को हिरासत में लि लिया. इसी दौरान लेफ्टिनेंट कर्नल मोइरांगथेम तांबा उर्फ ​​उत्तम को भी हिरासत में लिया गया था. वह 2015 में डोगरा मामले की 6वीं बटालियन पर घात लगाकर किए गए हमले का मास्टरमाइंड था.

हिरासत में आये 12 खूंखार आतंकियों को छोड़ना पड़ा

भारतीय सेना की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, सुरक्षालों ने मणिपुर के इथम गांव में एक तलाशी अभियान चलाया था. सेना की तलाशी अभियान में 12 खूंखार आतंकियों को जवानों ने हिरासत में ले लिया. इस बीच आतंकियों की गिरफ्तारी की खबर सुनकर गांव के महिला और पुरुष जमा होने लगे. देखते ही देखते करीब 14 सौ से लेकर 1500 लोगों की भीड़ वहां इकट्ठा हो गई. इस बीच महिलाओं ने आतंकियों को छुड़ा लिया.

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6वीं बटालियन पर हमले का मास्टरमाइंड भी छूटा

सुरक्षाबलों ने सूचना के आधार पर तलाशी अभियान चलाकर 12 खूंखार आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया था. इन आतंकियों में 6वीं बटालियन पर घात लगाकर हमला करने का मास्टरमाइंड कर्नल मोइरांगथेम तांबा उर्फ ​​उत्तम भी शामिल था. बता दें, उत्तम 6वीं बटालियन पर घात लगाकर किए गए हमले का मास्टरमाइंड था, महिलाओं की भीड़ ने उसे भी छुड़ा लिया. सुरक्षा बल के जवानों ने बताया की करीब 1500 महिलाओं की भीड़ ने घेर लिया था और सभी आतंकियों को छुड़ाकर अपने साथ ले गईं.

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Author: Pritish Sahay

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