Coronavirus In China: चीन में कोरोना विस्फोट, 25 करोड़ लोग संक्रमित, ICU में जगह नहीं, श्मशान में भी भीड़

हांगकांग से प्रकाशित अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने खबर दी कि कथित तौर पर चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के एक लीक हुए दस्तावेज के अनुसार एक दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच 24 करोड़ 80 लाख लोग यानी करीब 17.56 प्रतिशत आबादी कोविड से प्रभावित हुई.

चीन में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. वहां की स्थिति बेहद खराब बतायी जा रही है. अस्पतालों में लाखों की संख्या में कोरोना के केस सामने आ रहे हैं और मुर्दाघर शवों से भरे पड़े हैं. आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक चीन में पिछले 20 दिनों में करीब 25 करोड़ नये मामले सामने आये हैं. सरकार ने अब प्रभावित लोगों की मदद के लिए इंटरनेट अस्पताल खोलने की अनुमति दे दी है, ताकि चिकित्सा केंद्रों पर भार कम हो सके.

एक सप्ताह में तीन करोड़ से अधिक नये मामले

मीडिया रिपोर्ट की मानें तो चीन में इस सप्ताह कोरोना संक्रमण के लगभग तीन करोड़ 70 लाख नये मामले सामने आये. हांगकांग से प्रकाशित अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने खबर दी कि कथित तौर पर चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के एक लीक हुए दस्तावेज के अनुसार एक दिसंबर से 20 दिसंबर के बीच 24 करोड़ 80 लाख लोग यानी करीब 17.56 प्रतिशत आबादी कोविड से प्रभावित हुई.

शून्य कोविड नीति में ढील के बाद बढ़ने लगे मामले

चीन में कोरोना वायरस के मामलों में अचानक आयी बढ़ोतरी के पीछे इस महीने की शुरुआत में शून्य कोविड नीति में एकदम ढील दिए जाने को बताया जा रहा है. दो चीनी शहरों में स्वास्थ्य अधिकारी हर दिन लाखों मामलों की सूचना दे रहे हैं. स्वास्थ्य आयोग के प्रमुख बो ताओ के अनुसार, पूर्वी प्रांत शेडोंग के छिंगदाओ शहर में हर दिन लगभग 4,90,000-5,30,000 लोग संक्रमित हो रहे हैं.

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चीन में हर दिन 2,50,000 से 300,000 लोग हो रहे संक्रमित

अखबार के अनुसार, दक्षिणी प्रांत ग्वांगडोंग के डोंगगुआन में शहर के स्वास्थ्य आयोग ने शुक्रवार को कहा कि हर दिन 2,50,000 से 300,000 लोग संक्रमित हो रहे हैं.

आईसीयू में जगह नहीं, शवदाह गृहों में भारी भीड़

चीन में कोरोना से हालात बेहद खराब हो चुके हैं. अस्पतालों में मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. सभी अस्पताल करीब-करीब भरे हुए हैं. मरीजों को चीखते हुए देखा जा रहा है. अस्पतालों में बेड की कमी हो गयी है. यही नहीं चीनी शहर के शवदाह गृहों में भी शवों की भरमार है. बीजिंग के दक्षिण पश्चिम में स्थित छोटे शहरों और कस्बों में स्थित अस्पतालों के आपात वार्ड जरूरत से ज्यादा भरे हुए हैं.

मरीज फर्श और बेंच पर इलाज कराने के लिए मजबूर

गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) से एंबुलेंस लौट रही हैं, तो मरीजों के बेचैन रिश्तेदार बिस्तरों की तलाश कर रहे हैं. बिस्तरों की कमी के कारण अस्पताल की बेंच और फर्श पर मरीजों को लिटाना पड़ रहा है.

चीन में 10 से 20 लाख लोगों की हो सकती है मौत

विशेषज्ञों ने जो अनुमान लगाया है, उससे दहशत का माहौल है. बताया जा रहा है कि साल 2023 में चीन में 10 से 20 लाख लोगों की मौत होगी.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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