कोरोना संकट के दौर में महाराष्ट्र सरकार ने कहा कि वह फिलहाल 18-24 आयु वर्ग के लोगों के लिए वैक्सीनेशन कार्यक्रम पर रोक लगाने की योजना है. इसपर केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की ओर से इस तरह का कोई सुझाव नहीं दिया गया है.
इससे पहले महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया था कि केंद्रीय मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने उन्हें सुझाव दिया है कि पहले 45 वर्ष के ऊपर लोगों के वैक्सीनेशन को प्राथमिकता दी जाए. इसके बाद पीआईबी फैक्ट चेक ने ट्वीट कर इस बात पुष्टि की है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री की तरफ से ऐसा कोई सुझाव नहीं आया था.
राजेश टोपे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि मैंने व्यक्तिगत रूप से डॉ वर्धन से बात की है. उन्होंने मुझे बताया कि केंद्र के पास वास्तव में टीके नहीं हैं. फिलहाल कोई उपाय नहीं है. इसलिए उन्होंने सुझाव दिया की 18+ लोगों के लिए दिए जाने वाले डोज को 45+ वालों को दिया जाये. राजेश टोपे ने कहा कि उन्हें केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि 18-44 आयु वर्ग के टीकाकरण के लिए, हमें धीमी गति से जाना होगा क्योंकि टीके उपलब्ध नहीं हैं. हम विदेशों से भी टीके खरीदना चाहते हैं, लेकिन टीके नहीं हैं.
राजेश टोपे ने कहा कि इसलिए राज्य सरकार फिलहाल कोवैक्सीन के तीन लाख डोज को 45+ से अधिक के उम्र को लोगों को देगी, जो मुख्य रूप से 18+ लोगों को दिये जाने थे. महाराष्ट्र सरकार के आंकड़ों के मुताबिक राज्य में अभी भी 45+ उम्र के पांच लाख लोग टीके के दूसरे डोज का इंतजार कर रहे हैं.
केंद्र ने मंगलवार को राज्यों को वैक्सीन की दूसरी खुराक के प्रशासन को प्राथमिकता देने के लिए कहा था, लेकिन केंद्र ने स्पष्ट किया कि यह सुझाव नहीं दिया गया है कि महाराष्ट्र सरकार राज्य में 18 से 44 वर्ष की आयु के नागरिकों के टीके को और उसके अधिक की उम्र के लोगों को लगाये.
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Posted By: Pawan Singh
