गिरफ्तार PM-CM को पद से हटाने से जुड़े विधेयक का जोरदार विरोध, सदस्यों ने फाड़ी कॉपी, अमित शाह की ओर उछाला कागज

Constitution Amendment Bill: केंद्र सरकार की ओर से सदन में पेश तीन विधेयकों पर संग्राम छिड़ गया है. विपक्ष ने प्रस्तावित विधेयक पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि केंद्र सरकार राज्यों में गैर बीजेपी सरकार को अस्थिर करने के लिए कानून लाने की कोशिश कर रही है. विपक्षी दलों का कहना है कि 130 वां संविधान संशोधन विधेयक भारत में लोकतंत्र को हमेशा के लिए खत्म कर देगा. विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि इसके तहत केंद्रीय एजेंसियां राज्यों के मुख्यमंत्रियों को गिरफ्तार करवाएगी और उनकी मनमाने ढंग से गिरफ्तारी के तुरंत बाद उन्हें पद से हटा दिया जाएगा.

Constitution Amendment Bill: केंद्र सरकार की ओर से पेश तीन विधेयकों पर लोकसभा में संग्राम छिड़ गया.  विधेयक के तहत गंभीर आपराधिक आरोपों में लगातार एक महीने (30 दिन) तक जेल में रहने पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री या राज्य मंत्री या केंद्र शासित प्रदेश को पद से हटाया जा सकता है. इस बिल के अनुसार अब पीएम, केंद्रीय मंत्री या किसी राज्य के सीएम जेल में रहते सरकार नहीं चला सकते हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह विधेयक पेश किया. उन्होंने लोकसभा में प्रस्ताव किया कि संविधान (130 वां संशोधन) विधेयक 2025 विधेयक को संसद की संयुक्त समिति को भेजा जाए. वहीं विपक्ष ने ऐलान किया है कि किसी भी कीमत पर इसे पारित नहीं होने दिया जाएगा. क्योंकि इससे केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी को किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री या मंत्री को हटाने की इजाजत मिल जाएगी.

संविधान संशोधन समेत तीन विधेयक संयुक्त समिति को भेजे गए

संविधान संशोधन विधेयक समेत तीन विधेयकों को संसद की संयुक्त समिति के पास भेज दिया है. विधेयकों को पेश किए जाने के दौरान विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन में जमकर हंगामा किया. सदन की बैठक तीन बार स्थगित करनी पड़ी. इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के विरोध और हंगामे के बीच सदन में संविधान (130 वां संशोधन) विधेयक, 2025, संघ राज्य क्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक, 2025 और जम्मू कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किए. संयुक्त समिति में लोकसभा के 21 और राज्यसभा के 10 सदस्य होंगे और यह अपनी रिपोर्ट अगले संसद सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक पेश करेगी.

इन विपक्षी दलों के किया विधेयक का विरोध, सदस्यों ने फाड़े कागज

विपक्ष की ओर से AIMIM के सांसद असदुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस के मनीष तिवारी और केसी वेणुगोपाल, आरएसपी के एन के प्रेमचंद्रन और समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव ने विधेयकों को पेश किए जाने का पुरजोर विरोध किया. प्रेमचंद्रन ने कहा कि तीनों विधेयकों को सदन में पेश करने की सरकार को इतनी हड़बड़ी क्यों है?  उन्हें जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रेमचंद्रन जल्दबाजी की बात कर रहे हैं, लेकिन ‘‘इसका सवाल इसलिए नहीं उठता क्योंकि मैं इन विधेयकों को संसद की संयुक्त समिति को सौंपने का अनुरोध करने वाला हूं। संयुक्त समिति लोकसभा और राज्यसभा में पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को मिलाकर बनेगी और इस पर विचार करके विधेयक को आपके सामने लाएगी.’’

गृह मंत्री की ओर उछाले गए कागज

लोकसभा में हंगामे के बीच विपक्ष के कुछ सदस्यों को गृह मंत्री के सामने कागज फाड़कर फेंकते हुए देखा गया. विरोध के दौरान विपक्ष के कुछ सांसद लोकसभा की वेल में आकर विधेयक के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. इसपर अमित शाह ने कहा कि सरकार इस बिल को जेपीसी को भेजने का प्रस्ताव रखती है. इसके बाद भी बिल को विरोध का सामना करना पड़ा. 

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Author: Pritish Sahay

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