असम में SIR पूरा, चुनाव तारीखों का इंतजार; CEC ज्ञानेश कुमार बोले- EVM में होगा ये बदलाव

Assam SIR: असम सहित 5 राज्यों में मार्च में वुनावी घोषणा हो सकती है. इससे पहले चुनाव आयोग ने असम में SIR की प्रक्रिया पूरी कर ली है. बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया- फाइनल इलेक्टोरल रोल में लगभग 2.49 करोड़ लोगों को शामिल किया गया है.

Assam SIR: असम में चुनाव की तैयारियों और हाल ही में खत्म हुई SIR प्रक्रिया पर, चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा, प्योर इलेक्टोरल रोल लोकतंत्र की नींव हैं. असम में हाल ही में खत्म हुई SIR का मकसद था कि कोई भी योग्य वोटर बाहर न हो और कोई भी अयोग्य वोटर शामिल न हो. फाइनल इलेक्टोरल रोल में, लगभग 2.49 करोड़ लोगों को शामिल किया गया है.

घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए: ज्ञानेश कुमार

असम में SIR समाप्त हो चुका है. यहां का स्पेशल रिविजन 12 अन्य राज्यों से अलग है. बाकी 12 राज्यों के 51 करोड़ मतदाताओं के SIR का अंतिम चरण सामने आ चुका है और कई के समाप्त हो चुके हैं. असम में SIR पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा, असम में SIR करने का सिर्फ एक ही मकसद था – सभी एलिजिबल वोटर्स को शामिल करना और इनएलिजिबल वोटर्स को बाहर करना. अवैध घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से कटे हैं और नये वोटर जो युवा हैं, जो पहली बार वोट करेंगे उनके नाम जोड़े गए हैं.

EVM पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो दिखाई जाएंगी : ज्ञानेश कुमार

असम में चुनाव की तैयारियों के रिव्यू पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा, इस बार, EVM पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो दिखाई जाएंगी, और उनके नाम और सीरियल नंबर बड़े फॉन्ट में दिखाए जाएंगे. हमने हर पोलिंग सेंटर पर 1,200 वोटरों की लिमिट भी तय की है. पहली बार, असम में वोटर वोटिंग सेंटर के एंट्री पॉइंट पर अपने मोबाइल फोन रख सकेंगे.

चुनाव कार्यक्रम मार्च के मध्य में हो सकता है जारी

पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर विधानसभा चुनाव हो सकते हैं, जिससे संबंधित कार्यक्रम मार्च के मध्य में घोषित किए जाने की संभावना है. चुनाव अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर हो सकते हैं. पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है. पुडुचेरी विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल 15 जून को खत्म होगा, वहीं असम का 20 मई, केरल का 23 मई, तमिलनाडु का 10 मई और पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म हो रहा है.

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Published by: ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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