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Assam SIR: असम में चुनाव की तैयारियों और हाल ही में खत्म हुई SIR प्रक्रिया पर, चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा, प्योर इलेक्टोरल रोल लोकतंत्र की नींव हैं. असम में हाल ही में खत्म हुई SIR का मकसद था कि कोई भी योग्य वोटर बाहर न हो और कोई भी अयोग्य वोटर शामिल न हो. फाइनल इलेक्टोरल रोल में, लगभग 2.49 करोड़ लोगों को शामिल किया गया है.
घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए: ज्ञानेश कुमार
असम में SIR समाप्त हो चुका है. यहां का स्पेशल रिविजन 12 अन्य राज्यों से अलग है. बाकी 12 राज्यों के 51 करोड़ मतदाताओं के SIR का अंतिम चरण सामने आ चुका है और कई के समाप्त हो चुके हैं. असम में SIR पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा, असम में SIR करने का सिर्फ एक ही मकसद था – सभी एलिजिबल वोटर्स को शामिल करना और इनएलिजिबल वोटर्स को बाहर करना. अवैध घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से कटे हैं और नये वोटर जो युवा हैं, जो पहली बार वोट करेंगे उनके नाम जोड़े गए हैं.
EVM पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो दिखाई जाएंगी : ज्ञानेश कुमार
असम में चुनाव की तैयारियों के रिव्यू पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा, इस बार, EVM पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो दिखाई जाएंगी, और उनके नाम और सीरियल नंबर बड़े फॉन्ट में दिखाए जाएंगे. हमने हर पोलिंग सेंटर पर 1,200 वोटरों की लिमिट भी तय की है. पहली बार, असम में वोटर वोटिंग सेंटर के एंट्री पॉइंट पर अपने मोबाइल फोन रख सकेंगे.
चुनाव कार्यक्रम मार्च के मध्य में हो सकता है जारी
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर विधानसभा चुनाव हो सकते हैं, जिससे संबंधित कार्यक्रम मार्च के मध्य में घोषित किए जाने की संभावना है. चुनाव अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर हो सकते हैं. पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है. पुडुचेरी विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल 15 जून को खत्म होगा, वहीं असम का 20 मई, केरल का 23 मई, तमिलनाडु का 10 मई और पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म हो रहा है.
