कांग्रेस का विरोध-प्रदर्शन : दिल्ली पुलिस ने दर्ज किया मामला, जानें ताजा अपडेट

भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 186 (लोक सेवक को सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन से रोकना), 188 (लोक सेवक के विधिवत आदेश की अवज्ञा), 332 (लोक सेवक को उसका काम करने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 34 (साझा इरादा) के तहत तुगलक रोड पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है.

Congress protests : दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन के सिलसिले में तुगलक रोड पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. विपक्षी दल कांग्रेस ने महंगाई, बेरोजगारी और आवश्यक वस्तुओं पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में बढ़ोतरी के खिलाफ शुक्रवार को देशव्यापी विरोध का आह्वान किया था. पुलिस उपायुक्त (नयी दिल्ली) अमृता गुगुलोथ ने बताया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 186 (लोक सेवक को सार्वजनिक कार्यों के निर्वहन से रोकना), 188 (लोक सेवक के विधिवत आदेश की अवज्ञा), 332 (लोक सेवक को उसका काम करने से रोकने के लिए जानबूझकर चोट पहुंचाना) और 34 (साझा इरादा) के तहत तुगलक रोड पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है. दिल्ली पुलिस ने कांग्रेस को नयी दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण राष्ट्रीय राजधानी में विरोध-प्रदर्शन करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. पुलिस ने लुटियंस दिल्ली से शुक्रवार को 65 सांसदों सहित 300 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था.

कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन

कांग्रेस ने महंगाई, बेरोजगारी और कई खाद्य वस्तुओं को जीएसटी के दायरे में लाये जाने के खिलाफ शुक्रवार को प्रदर्शन किया, जिसके बाद पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वॉड्रा समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया गया. पार्टी के प्रदर्शन में शामिल हुए नेताओं ने काले रंग के कपड़े पहन रखे थे. राहुल गांधी की अगुआई में कांग्रेस सांसदों ने संसद भवन से राष्ट्रपति भवन के लिए मार्च निकाला. हालांकि, पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया और हिरासत में ले लिया.

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वॉड्रा भी प्रधानमंत्री आवास के घेराव के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय पहुंचीं, जहां से उन्हें हिरासत में ले लिया गया. काले रंग की सलवार-कमीज ओर दुपट्टा पहने प्रियंका पार्टी मुख्यालय के सामने पुलिस द्वारा लगाये गये अवरोधक को लांघकर दूसरी तरफ पहुंचीं और सड़क पर धरने पर बैठ गयीं. कुछ देर बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया. इस दौरान प्रियंका और पुलिस के बीच काफी खींचतान देखने को मिली. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. संसद भवन से पार्टी सांसदों का मार्च शुरू होने से पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इसमें थोड़ी देर के लिए शामिल हुईं.

जो सच्चाई से डरता है, वही आवाज उठाने वालों को धमकाता है : राहुल गांधी

प्रदर्शन से पहले राहुल गांधी ने ट्वीट किया कि इस तानाशाह सरकार को डर लग रहा है. भारत के हालत से, कमरतोड़ महंगाई और ऐतिहासिक बेरोजगारी से, अपनी नीतियों से लायी बर्बादी से. जो सच्चाई से डरता है, वो ही आवाज उठाने वालों को धमकाता है! प्रियंका ने आरोप लगाया कि इतनी महंगाई है कि सभी लोग तड़प रहे हैं. मोदी जी ने पूरे देश की संपत्ति बेच दी. दो-चार लोग और अमीर हो रहे हैं, जबकि पूरा देश तड़प रहा है.

काले कपड़ों में प्रदर्शन राम मंदिर निर्माण के खिलाफ एक संदेश : अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस नेताओं के विरोध को पार्टी की तुष्टिकरण की राजनीति से जोड़ा. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन इसलिए किया गया ताकि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 2020 में इस दिन राम मंदिर की नींव रखे जाने का विरोध किया जा सके. भाजपा ने महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन का लक्ष्य गांधी परिवार को बचाना बताया है. कहा कि चुनावों में कांग्रेस की हार का ठीकरा भारतीय लोकतंत्र पर नहीं फोड़ना चाहिए.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >