चंडीगढ़ : पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के शपथ ग्रहण करने से कुछ देर पहले ही कांग्रेस में आंतरिक कलह तब और तेज हो गई, जब पार्टी के नेता सुनील जाखड़ ने ट्वीट कर पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की लीडरशिप में चुनाव लड़ने को लेकर ऐतराज जाहिर किया. दरअसल, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश रावत ने सिद्धू के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का बयान दिया है. रावत के इस बयान को कांग्रेसी नेता सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री जैसे अहम पद को कमजोर करने वाला करार दिया है.
पंजाब कांग्रेस के दमदार नेताओं में शुमार और पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सोमवार को अपने ट्वीट में लिखा है, ‘मुख्यमंत्री के रूप में चरणजीत चन्नी के शपथ ग्रहण के दिन श्री रावत का यह बयान कि ”चुनाव सिद्धू के नेतृत्व में लड़े जाएंगे” चौंकाने वाला है.’ उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि यह मुख्यमंत्री के अधिकार को कमजोर करने वाला है, लेकिन उनके इस चयन से उद्देश्य की पूर्ति होना भी संभव नहीं है.
हालांकि, इससे पहले पंजाब कांग्रेस के नेता हरमिंदर सिंह गिल ने भी ऐतराज जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने जो बयान दिया है, उस पर सिर्फ वही (सुनील जाखड़) टिप्पणी कर सकते हैं. यह (चरणजीत चन्नी को सीएम बनाना) पार्टी आलाकमान का फैसला है, न कि हरीश रावत जी का फैसला है. बता दें कि पंजाब में सरकार के खिलाफ सिद्धू के बगावती तेवर के बाद कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री बदलने का फैसला किया है.
पंजाब कांग्रेस में चल रही आपसी अंतर्कलह के बीच पार्टी नवजोत सिंह सिद्धू को पूरी तरह संतुष्ट करने की मुहिम में जुटी हुई है. कैप्टन अमरिंदर सिंह को पद से हटाने से लेकर चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाने तक सिद्धू की भूमिका महत्वपूर्ण रही है. इस बीच, पंजाब प्रभारी हरीश रावत ने भी साफ कर दिया है कि 2022 विधानसभा चुनाव में सिद्धू ही पार्टी का नेतृत्व करेंगे.
