खरसावां गोलीकांड पर बनेगी फिल्म, खरसावां विधायक ‘मायोम गाढ़ा’ जरिये दिखाएंगे इतिहास का दर्द

Dashrath Gagrai: खरसावां के लगातार तीन बार के विधायक दशरथ गागराई अब फिल्मों के जरिये सामाजिक बदलाव की नई इबारत लिख रहे हैं. राजनीति की व्यस्तताओं के बीच वे दो महत्वपूर्ण फिल्मों 'मयम गाढ़ा' (खरसावां गोलीकांड के इतिहास पर) और 'प्रेम पासे' (सामाजिक जटिलताओं पर) के निर्माण में सक्रिय हैं.

Dashrath Gagrai, खरसावां, (शचिंद्र कुमार दाश): राजनीतिक व्यस्तताओं के बीच खरसावां के झामुमो विधायक दशरथ गागराई सामाजिक बदलाव की अलख जगाने के लिए फिल्म और वीडियो के माध्यम को सशक्त हथियार बना रहे हैं. सामाजिक सरोकारों पर आधारित दो फिल्मों के निर्माण में वे सक्रिय रूप से जुटे हैं. इनमें खरसावां गोलीकांड की त्रासदी पर आधारित ‘मायोम गाढ़ा’ (खून की नदी) और अंतर-सामुदायिक विवाह विषय पर केंद्रित ‘प्रेम पासे’ (प्यार में फंसकर) शामिल है. दोनों ही फिल्मों में विधायक दशरथ गागराई की महत्वपूर्ण भूमिका है.

फिल्म ‘मयम गाढ़ा’ को युवाओं को केंद्र में रखकर बनाया जा रहा

विधायक ने बताया कि फिल्म ‘मयम गाढ़ा’ को युवाओं को केंद्र में रखकर बनाया जा रहा है, ताकि नई पीढ़ी अपने पूर्वजों के बलिदान और संघर्ष से परिचित हो सके. यह फिल्म एक जनवरी 1948 को हुए खरसावां गोलीकांड की पृष्ठभूमि पर आधारित होगी. इसकी शूटिंग कोल्हान के विभिन्न क्षेत्रों में प्रस्तावित है. फिल्म के जरिये दर्शकों को इतिहास से रूबरू होने का अवसर मिलेगा, वहीं स्थानीय कलाकारों को भी मंच मिलेगा.

Also Read: गांव में ही मिलेगी डिग्री और रोजगार, झारखंड सरकार शुरु करेगी ये कोर्स

फिल्म ‘प्रेम पासे’ बनकर हो चुकी है तैयार

दूसरी ओर, अंतर-सामुदायिक विवाह पर आधारित फिल्म ‘प्रेम पासे’ बनकर तैयार हो चुकी है. स्थानीय टीम के सहयोग से बनी यह फिल्म इंटर कम्युनिटी मैरिज और उसके बाद आने वाली सामाजिक व पारिवारिक जटिलताओं को सामने लाती है. फिल्म के माध्यम से यह संदेश देने की कोशिश की गयी है कि भावनाओं में बहकर लिए गये फैसले कई बार जीवन में परेशानियां खड़ी कर देते हैं.

लगातार तीन टर्म के विधायक हैं दशरथ गागराई

गौरतलब है कि खरसावां विधानसभा क्षेत्र राज्य के हाई-प्रोफाइल क्षेत्रों में शामिल है और दशरथ गागराई लगातार तीन टर्म से यहां से विधायक चुने जा रहे हैं. राजनीति के साथ-साथ उनका सांस्कृतिक योगदान भी उल्लेखनीय है. वे हो भाषा के कई एल्बम बना चुके हैं. खरसावां विधायक खुद गीतों की रचना करने के साथ साथ उसे अपनी वॉइस भी देते हैं. अपने घर में उन्होंने एक कमरे को स्टूडियो के रूप में विकसित किया है, जहां आधुनिक म्यूजिक सिस्टम के साथ गीत रिकॉर्डिंग की पूरी व्यवस्था उपलब्ध है. सिनेमा और संगीत के जरिये समाज को संवेदनशील मुद्दों पर सोचने के लिए प्रेरित करने की यह पहल क्षेत्र में नई चर्चा का विषय बनी हुई है.

Also Read: अंधविश्वास ने ली मां-बेटे की जान, कुमारडुंगी में डायन-बिसाही के शक में पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Sameer Oraon

Published by: AmleshNandan Sinha

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >