'कॉकरोच जनता पार्टी' द्वारा जारी एक आधिकारिक पोस्टर के अनुसार, इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य देशभर में पुलिस कार्रवाई से प्रभावित लोगों के प्रति एकजुटता व्यक्त करना है.
क्या है रणनीति और दिशानिर्देश?
पोस्टर में प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के लिए दिशानिर्देश जारी किए गए हैं. जिसमें देश के सभी छात्र संघों और अन्य नागरिक संगठनों से अपील की गई है कि वे स्थानीय स्तर पर तालमेल बनाकर काम करें. साथ ही विरोध प्रदर्शन के दौरान पूरे जनसमूह के समक्ष छात्रों की मांगों को पढ़कर सुनाया जाएगा और पुलिस बर्बरता का सामना करने वाले पीड़ितों के समर्थन में आवाज उठाई जाएगी.
सीजेपी ने सरकार को बातचीत के लिए इन दो जगहों पर बुलाया
कॉकरोच जनता पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार के प्रस्ताव पर कहा, "केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा था कि हम कहीं भी बातचीत कर सकते हैं; तो हमने अपना सुझाव दे दिया है. जंतर-मंतर या कॉन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया जैसी किसी न्यूट्रल जगह पर आएं. हम वहीं मिलेंगे." उन्होंने आगे कहा, "मुझे अभी तक उनकी तरफ से कोई मैसेज नहीं मिला है. उन्हें हमसे सीधे संपर्क करना चाहिए और चर्चा करनी चाहिए कि कहां मिलना है, कब मिलना है और बातचीत कितनी देर तक चलेगी."
फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान सिर्फ लोगों को गुमराह करने की कोशिशें हैं : सीजेपी
पेपर लीक में शामिल लोगों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने के पीएम मोदी के ट्वीट पर कहा, "ऐसे ऐलान किसी काम के नहीं हैं. ये सिर्फ लोगों को गुमराह करने की कोशिशें हैं. हम जवाबदेही और जिम्मेदारी चाहते हैं. हम केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र के इस्तीफे के स्तर से नीचे के किसी भी व्यक्ति के साथ इस मामले पर चर्चा नहीं करेंगे."
जेपी नड्डा ने सीजेपी को वार्ता के लिए बुलाया
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने गुरुवार को कहा कि सरकार प्रदर्शनकारी युवाओं के साथ आगे की बातचीत के लिए तैयार है और यह बातचीत उनके ऑफिस या घर पर हो सकती है.
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