CM DK Shivakumar Action Plan: सीएम पद की शपथ लेने के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पूरे एक्शन में हैं. उन्होंने गुरुवार (4 जून) को राज्य प्रशासन के लिए एक रोडमैप पेश किया. साथ ही अधिकारियों को सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने और सरकार की प्राथमिकताओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया है. सीएम शिवकुमार ने शासन में पारदर्शिता, जवाबदेही और जमीनी स्तर पर जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है. बेंगलुरु में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार धर्म, जाति या किसी अन्य आधार पर पक्षपात में विश्वास नहीं करती. उन्होंने अधिकारियों से जनता की समस्याओं के समाधान में निष्पक्ष और पारदर्शी रवैया अपनाने की अपील की.
15 दिन में तैयार होगी विभागीय कार्य योजना
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सभी विभागों को अगले 15 दिनों के भीतर विस्तृत कार्य योजना तैयार करने और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया है. साथ ही सचिवों को नियमित रूप से जिलों और तालुकों का दौरा कर सरकारी योजनाओं और सार्वजनिक मुद्दों की प्रगति की समीक्षा करने को कहा गया.
मतदाता अधिकारों की सुरक्षा पर जोर
सीएम शिवकुमार ने कहा कि किसी भी पात्र नागरिक को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को मतदाता पंजीकरण और जनगणना संबंधी प्रक्रियाओं के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने तथा जरूरी दस्तावेजों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
शिकायत निवारण के लिए बनेगा अलग तंत्र
मुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि विरोध प्रदर्शनों और जन शिकायतों के समाधान के लिए प्रशासन में एक अलग तंत्र विकसित किया जाएगा. यह व्यवस्था शिकायतों की कानूनी वैधता का आकलन करने और उनके त्वरित निपटारे में मदद करेगी. वहीं वित्तीय प्रबंधन पर बोलते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा कि करीब 8,000 से 8,500 करोड़ रुपये के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड का सही हिसाब-किताब रखा जाना चाहिए और उसका प्रभावी उपयोग भी तय किया जाना चाहिए.
जल्द जारी किए जाएंगे CSR नीति के नए दिशा-निर्देश- सीएम शिवकुमार
सीएम शिवकुमार ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता प्राथमिक शिक्षा को मजबूत करना है. नए स्कूल भवनों के निर्माण और शैक्षणिक सुविधाओं के विस्तार के जरिए शिक्षा के लिए बेंगलुरु की ओर होने वाले पलायन को रोकने का प्रयास किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने बताया कि CSR नीति के नए दिशानिर्देश जल्द जारी किए जाएंगे, जिन्हें मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है. मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को साफ तौर पर कहा कि वे किसी भी प्रकार के बाहरी दबाव में आकर फैसला कर करें.
कानून-व्यवस्था मजबूत करने पर फोकस
कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीएम ने कहा कि हप तालुका में विशेष पुलिस दस्ते तैनात करने की जरूरत है. इससे आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकता है और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखी जा सकती है.
कर्नाटक भवन के कामकाज पर जताई नाराजगी
दिल्ली स्थित कर्नाटक भवन के कामकाज पर नाराजगी जाहिर करते हुए सीएम शिवकुमार ने कहा कि वह खुद इसकी समीक्षा करेंगे. उन्होंने बताया कि जल्द ही दिल्ली जाकर केंद्र सरकार के अधिकारियों और सेवानिवृत्त अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और राज्य के विकास में उनके योगदान की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे.
गारंटी योजनाओं में बदलाव नहीं
इस दौरान सीएम शिवकुमार ने यह भी साफ दिया कि राज्य सरकार की गारंटी योजनाओं में कोई बदलाव नहीं किया किया जाएगा. हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि रियायती बिजली कनेक्शनों का कुछ मामलों में व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है, जिसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
Also Read: कर्नाटक: मुख्यमंत्री शिवकुमार के सामने ये हैं चुनौतियां, कहीं बढ़ न जाए टेंशन
