गाम्बिया में बच्चों की मौत मामले में मेडन फार्मा को क्लीन चिट, केंद्र सरकार ने कहा- सिरप में मिलावट नहीं

भारतीय कफ सिरप पीने से अफ्रीकी देश गाम्बिया में तथाकथित 66 बच्चों की मौत मामले में मेडन फार्मा केन्द्र सरकार ने बड़ी राहत देते हुए क्लीन चिट दे दी है. राज्यसभा में सरकार ने कहा कि जांच कमेटी के आधार पर सिरप में कोई मिलावट नहीं थी.

अफ्रीकी देश गाम्बिया में तथाकथित भारतीय कफ सिरप पीने से 66 बच्चों की मौत मामले में मेडन फार्मा कंपनी को बड़ी राहत मिली है. कंपनी को केन्द्र सरकार ने क्लीन चिट दे दी है. केन्द्र सरकार ने कहा कि जांच में सिरप में किसी किस्म की मिलावट नहीं पाई गई है. सिरप की क्वालिटी भी स्टैंडर्ड है. राज्य सभा में जवाब देते हुए केन्द्र सरकार ने यह बात कही है.

सिरप में नहीं पाई गई खामी: केन्द्र सरकार ने राज्य सभा में जवाब देते हुए कहा कि कफ सिरप की जांच में कोई खामी नहीं पाई गई है. केन्द्र में बताया कि मेडन फार्मा कंपनी की सीरत पर आरोप लगने के बाद जांच के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से डॉ वाईके गुप्ता की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई गई थी. समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि सिरप की गुणवत्ता में कोई कमी नहीं है.

कफ सिरप के उत्पादन पर लग गया था रोक: गौरतलब है कि अफ्रीकी देश गाम्बिया में 66 बच्चों की मौत के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से मेडन फार्मास्युटिकल्स के चार कफ सिरप के खिलाफ मेडिकल अलर्ट जारी किया गया था. डब्ल्यूएचओ का कहना था कि मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड की ओर से दूषित और कम गुणवत्ता वाले कफ सिरप गांबिया में बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं. जिसके बाद हरियाणा सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के कफ सिरप के उत्पादन पर रोक लगा दी थी.

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Author: Pritish Sahay

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