विरोध प्रदर्शन के 40 दिनों बाद महाराष्ट्र लौटने के बाद दीपके ने मीडिया से बात करते हुए राहुल गांधी के सुर में सुर मिलाया और कहा, "मैं राहुल गांधी के बयान से पूरी तरह सहमत हूं. जिस तरह से शांतपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों का खून बहाया गया, वह सीधे तौर पर अमित शाह के निर्देशों का नतीजा है. उन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए."
CJP पर विदेशी फंडिंग के आरोप को दीपके ने किया खारिज
अपनी पार्टी पर लग रहे विदेशी फंडिंग के आरोपों को खारिज करते हुए दीपके ने गृह मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाए. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "यदि अमित शाह के गृह मंत्री रहते हुए भी विदेशी फंड आ रहा है, तो यह खुद उनकी विफलता है. खुद को 'चाणक्य' कहने वाले गृह मंत्री को इस नाकामी की जिम्मेदारी लेते हुए भी इस्तीफा देना चाहिए."
राहुल गांधी ने अमित शाह पर क्या आरोप लगाया?
राहुल गांधी ने 20 जुलाई को दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर कथित तौर पर किए गए बलप्रयोग को लेकर गृह मंत्री अमित शाह पर सदन के अंदर और बाहर हमला बोला. उन्होंने दावा किया, ‘‘गृह मंत्री में, संसद में आकर जवाब देने का साहस नहीं है. उनमें इतनी हिम्मत नहीं है कि वह इस तरह आपके सामने खड़े होकर सवालों का सामना कर सकें. वह तो यहां से भाग जाएंगे. हमें उनसे संसद में आने की कोई उम्मीद नहीं है, लेकिन हम जानते हैं कि इसकी जिम्मेदारी उन्हीं की है.’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष गृह मंत्री को जवाबदेही से बचकर निकलने नहीं देंगे. नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘मैंने 25 जुलाई को गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर पूछा था कि क्या आपने छात्रों पर घातक बल प्रयोग करने के आदेश दिए और छात्रों को सादे कपड़ों में लाठियों से मारने वाले लोग कौन थे? लेकिन सवालों का कोई जवाब नहीं मिला.’’
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