बेहद खतरनाक है चीनी मांझा, पंजाब में कई लोग चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल, पुलिस कस रही नकेल

चीनी डोर नायलॉन या सिंथेटिक धागे से बनती है और इसे धारदार बनाने के लिए पाउडर ग्लास एवं धातु कणों का इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कहा कि यह सूती डोर की तुलना में धारदार और सस्ती होती है, इसलिए कुछ पतंग प्रेमी इसमें शामिल जोखिमों को नजरअंदाज करते हुए इसे खरीदना पसंद करते हैं.

देश में इन दिनों चाइनीज मांझा की धूम है. हर ओर चाइनीज मांझा धड़ल्ले से बिक रहा है. लेकिन अब यही मांझा लोगों के लिए इतना खतरनाक होता जा रहा है कि पंजाब पुलिस इसकी बिक्री पर नकेल कसने में लग गई है. लुधियाना के समराला के पास कुछ दिन पहले चीनी मांझा चार साल के एक बच्चे की गर्दन में लिपट गया था, जिसके बाद उसके चेहरे पर 100 से अधिक टांके आए.

हादसों का घर है चाइनीज मांझा: इससे पहले अमृतसर में एक युवक के गले में चीनी मांझा उलझ गया था जिससे उसकी गर्दन पर गहरी चोट आई थी और उसे 20 टांके लगवाने पड़े थे. मोगा में बी 15 जनवरी को 10 साल का एक लड़का उस समय गंभीर रूप से झुलस गया था, जब उसकी पतंग की चीनी डोर हाई-वोल्टेज विद्युत तारों के संपर्क में आ गई थी. अबोहर में तीन दिन पहले चीनी डोर से एक व्यक्ति की नाक पर गहरी चोट आई थी. वहीं रूपनगर में पिछले साल नवंबर में साइकिल पर सवार 13 वर्षीय एक लड़के के गले में चीनी डोर फंस जाने से उसकी मौत हो गई थी.

क्यों होती है चीनी डोर इतनी खतरनाक: वहीं, पतंगों का कारोबार करने वाले एक दुकानदार ने बताया कि चीनी डोर नायलॉन या सिंथेटिक धागे से बनती है और इसे धारदार बनाने के लिए पाउडर ग्लास एवं धातु कणों का इस्तेमाल किया जाता है. उन्होंने कहा कि यह सूती डोर की तुलना में धारदार और सस्ती होती है, इसलिए कुछ पतंग प्रेमी इसमें शामिल जोखिमों को नजरअंदाज करते हुए इसे खरीदना पसंद करते हैं. एक सामान्य सूती मांझे की चरखी की कीमत 400 रुपये होती है, जबकि इतनी ही कीमत पर 4000 मीटर चीनी मांझे की चरखी खरीदी जा सकती है.

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राज्य में चीनी डोर की बिक्री और उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध है लेकिन इसका उल्लंघन बेरोकटोक जारी है. पंजाब पुलिस ने अब चीनी डोर की खरीद-फरोख्त के खिलाफ अभियान शुरू किया है. पुलिस महानिरीक्षक (मुख्यालय) सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि राज्य में कई स्थानों से चीनी डोर की 10,000 से अधिक गट्ठी जब्त की गई है. उन्होंने कहा, पुलिस ने चीनी डोर बेचने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की है और चीनी डोर की 10269 गट्ठी बरामद करने के बाद 176 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं और 188 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

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