जगन मोहन रेड्डी ने उड़ाया चंद्रबाबू नायडू का मजाक, TDP के घोषणा पत्र को बताया ‘बिसी बेले भात’

जगन मोहन रेड्डी ने कहा, टीडीपी का घोषणापत्र कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस द्वारा किए गए चुनावी वादों की मिलावट है और इसमें वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की योजनाएं भी शामिल की गई हैं.

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने TDP प्रमुख चंद्रबाबू नायडू का जमकर मजाक उड़ाया. रेड्डी ने 2024 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए तेलुगु देशम पार्टी (TDP) को ‘बिसी बेले भात’ करार दिया.

TDP का घोषणा पत्र बीजेपी और कांग्रेस के चुनावी वादों की मिलावट: रेड्डी

जगन मोहन रेड्डी ने कहा, टीडीपी का घोषणापत्र कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस द्वारा किए गए चुनावी वादों की मिलावट है और इसमें वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) की योजनाएं भी शामिल की गई हैं.

जगन मोहन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू का मजाक उड़ाया

मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने तेदेपा प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू का मजाक उड़ाते हुए उन पर कथित तौर पर राज्य की वाई एस राजशेखर रेड्डी नीत पूर्ववर्ती सरकार सहित अन्य पार्टियों की योजनाओं की नकल कर घोषणापत्र का ‘बिसी बेले भात’ और ‘पुलिहोरा’ पकाने का आरोप लगाया. ‘बिसी बेले भात’ और ‘पुलिहोरा’ लोकप्रिय कन्नड़ पकवान हैं.

चंद्रबाबू नायडू ने घोषणा पत्र में की नकल : रेड्डी

कुर्नूल जिले के पट्टीकोंडा में एक प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजना की शुरुआत करने के बाद रेड्डी ने कहा, चंद्रबाबू का घोषणापत्र आंध्र प्रदेश में नहीं तैयार किया गया. यह हमारे राज्य में नहीं तैयार किया गया, क्योंकि यह व्यक्ति लोगों से घुलता-मिलता नहीं. यह कर्नाटक से उपजा है. रेड्डी ने दावा किया कि चंद्रबाबू नायडू ने ‘अम्मा वोडी’, ‘चेयुता’ और ‘रायथु भरोसा’ सहित वाईएसआरसीपी शासनकाल की सभी योजनाओं की नकल की है. उन्होंने कहा कि चंद्रबाबू नायडू के पास कोई मौलिकता, व्यक्तित्व और विश्वसनीयता नहीं है.

चंद्रबाबू नायडू ने किसानों को हर साल 20 हजार रुपये देने का वादा किया

चंद्रबाबू नायडू ने तेदेपा के आंध्र की सत्ता में आने पर महिलाओं, बेरोजगार युवाओं और किसानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की है. उन्होंने भविष्यकथु गारंटी योजना के तहत 18 साल से अधिक उम्र की सभी महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक नकद सहायता देने, युवा गलम योजना के तहत युवाओं के लिए 20 लाख रोजगार सृजित करने और किसानों को हर सााल 20 हजार रुपये की आर्थिक मदद उपलब्ध कराने का वादा किया है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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