Govt Guidelines: कुत्तों की 23 नस्लों पर प्रतिबंध, केंद्र सरकार ने राज्यों को दिया निर्देश

government guidelines for dog: केंद्र सरकार ने राज्यों को पिटबुल टेरियर, अमेरिकन बुलडॉग, रॉटवाइलर और मास्टिफ्स सहित 23 नस्लों के आक्रामक कुत्तों की बिक्री और प्रजनन पर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया है. सरकार ने यह निर्देश ऐसे समय में दिया है जब देश में पालतू कुत्तों के हमलों में लोगों की मौत की घटनाओं में वृद्धि हुई है.

Govt Guidelines: 23 नस्लों के कुत्तों को रखने पर रोक

विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जारी निर्देश के मुताबिक लोगों को पालतू जानवरों के रूप में 23 नस्लों के कुत्तों को रखने की मनाही होगी. केंद्र सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग ने 12 मार्च को सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे एक पत्र में यह भी कहा कि कुत्तों की इन नस्लों, जिन्हें पहले से ही पालतू जानवर के रूप में रखा गया है, उनका आगे प्रजनन नहीं हो ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए.

कुत्तों की 23 नस्लों को क्रूर और मानव जीवन के लिए खतरनाक माना गया

केंद्र सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग ने अभ्यावेदन के मद्देनजर विभिन्न हितधारक संगठनों के सदस्यों और विशेषज्ञों के साथ पशुपालन आयुक्त की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया था. इस समिति ने मिश्रित और क्रॉस नस्लों सहित कुत्तों की 23 नस्लों को क्रूर और मानव जीवन के लिए खतरनाक माना है.

इन नस्लों के कुत्तों को पालने पर बैन

समिति के मुताबिक पिटबुल टेरियर, टोसा इनु, अमेरिकन स्टेफोर्डशायर टेरियर, फिला ब्रासीलीरो, डोगो अर्जेंटीनो, अमेरिकन बुलडॉग, बोअरबोएल कांगल, मध्य एशियाई शेफर्ड डॉग और कोकेशियन शेफर्ड डॉग कुत्तों की उन नस्लों में से हैं जिन्हें केंद्र द्वारा प्रतिबंधित करने का सुझाव दिया गया है. इसके अलावा दक्षिण रूसी शेफर्ड डॉग, टॉर्नजैक, सरप्लानिनैक, जापानी टोसा और अकिता, मास्टिफ, टेरियर्स, रोडेशियन रिजबैक, वुल्फ डॉग, कैनारियो, अकबाश डॉग, मॉस्को गार्ड डॉग, केन कोर्सो और बैंडोग नस्ल के कुत्तों पर भी प्रतिबंध लगाने का निर्देश दिया गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >