जनरल बिपिन रावत का रूस में बना हेलिकॉप्टर हुआ क्रैश
सीडीएस जनरल बिपिन रावत सुबह 8:47 बजे पालम एयरबेस से भारतीय वायुसेना के एम्बरर विमान से रवाना हुए थे और सुबह 11:34 बजे सुलुर एयरबेस पर पहुंचे. सुलुर से उन्होंने एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर से करीब 11:48 बजे वेलिंगटन के लिए उड़ान भरी. उन्होंने बताया कि हेलीकॉप्टर दोपहर 12:22 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ. सबसे बड़ी बात यह है कि जनरल बिपिन रावत अपनी पत्नी और स्टाफ के साथ जिस एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर में सवार थे, वह रूस का बना हुआ था. रूस में बना एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल भारतीय वायुसेना में ऊंची उड़ान वाले अभियान और राहत बचाव कार्य में आम बात है. प्लानेट-एक्स एयरोस्पेस सर्विसेज लीमिटेड के निदेशक और सीईओ ने मीडिया से कहा कि एमआई-17वी5 बहुत ही विश्वसनीय चॉपर है.
कटहल के पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया हेलीकॉप्टर
अंग्रेजी के अखबार द हिंदू को एक चश्मदीद ने बताया, ‘मैंने देखा कि हेलीकॉप्टर बहुत कम ऊंचाई पर उड़ रहा था. अचनाक से यह मुड़ा और एक कटहल के पेड़ से टकरा गया. इसके बाद तेज धमाका हुआ. जब हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ तब मौसम साफ़ था.’ द हिंदू ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि हेलीकॉप्टर इतनी कम ऊंचाई पर क्यों उड़ रहा था? क्या पायलट को एयर ट्रैफिक कंट्रोल या आर्मी कंट्रोल से मौसम को लेकर कोई अलर्ट था? तमिलनाडु पुलिस के अधिकारियों ने अख़बार से कहा है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है.
दो सितंबर 2001 वाईएसआर रेड्डी भी हुए थे हेलीकॉप्टर दुर्घटना के शिकार
बीबीसी हिंदी ने द हिंदू के हवाले से अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि दो सितंबर 2001 को आंध्र प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी का हेलीकॉप्टर क्रैश कुरनूल के पर्वतीय इलाके हुए में हुआ था. तब मौसम खराब था, फिर भी पालयट को उड़ान भरने के लिए दबाव डाला गया था. इस मामले में कोई भी जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है. बाकी के सभी दुर्घटनाओं में जांच को लेकर यही चलन है. द हिंदू ने लिखा है कि पहले की दुर्घटनाओं से कोई सबक़ नहीं लिया गया है.