उत्तराखंड के चमोली जिले (Uttarakhand, Chamoli ,Dhauliganga Flood) की ऋषिगंगा घाटी में रविवार को हिमखंड टूट (Chamoli Glacier Break) गया जिसके बाद अलकनंदा और इसकी सहायक नदियों में अचानक विकराल बाढ़ दिख रही है. गढ़वाल क्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया गया है. गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा है कि दो ITBP की टीम घटनास्थल पर पहुंच चुकी है. एनडीआरएफ की तीन टीमों को देहरादून से रवाना किया गया है. शाम तक IAF हेलिकॉप्टर की मदद से 3 अतिरिक्त टीमें वहां पहुंचेंगी.
बाढ़ से अभी तक जनहानि की कोई सूचना नहीं है लेकिन ऋषिगंगा पर बनी एक बिजली परियोजना को इससे भारी नुकसान पहुंचने की खबर है. प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे गंगा नदी के किनारे पर न जाएं. हिमखंड टूटने की घटना पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सचिव आपदा प्रबंधन और चमोली की जिलाधिकारी से पूरी जानकारी प्राप्त की है. मुख्यमंत्री लगातार पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं और सभी संबंधित जिलों को अलर्ट कर दिया गया है.
चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने जानकारी दी है कि मौके पर प्रशासन का दल पहुंच गया है और नुकसान का जायजा लिया जा रहा है. रैणी से लेकर श्रीनगर तक अलकनन्दा के किनारे रह रहे लोगों के लिए अलर्ट जारी किया गया है. रेणी में सीमा को जोड़ने वाला मुख्य मोटर मार्ग भी इस बाढ़ की चपेट में आकर बह गया है. दूसरी ओर रेणी से जोशीमठ के बीच धौली गंगा पर नेशनल थर्मल पॉवर कारपोरेशन की तपोवन विष्णुगाड़ जलविद्युत परियोजना के बैराज स्थल के आसपास के इलाके में भी कुछ आवासीय भवन बाढ़ की चपेट में आकर बह गए हैं.
सीएम योगी की भी पैनी नजर : इधर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड में बांध के टूटने से उत्पन्न हुई परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश में संबंधित विभागों, अधिकारियों और SDRF को हाई-अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है. मुख्यमंत्री ने गंगा नदी के किनारे स्थित सभी जनपदों के ज़िलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पूरी सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए हैं.
Posted By : Amitabh Kumar
