BJP: घोटाला और जमीन हड़पना लालू परिवार के शासन का है प्रमुख माॅडल

भाजपा ने अदालत के फैसले को लेकर राजद पर हमला करते हुए कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव बिहार बदलने का दावा कर रहे हैं, लेकिन वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार के मामले में विशेष अदालत ने धोखाधड़ी के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति दी है. धारा 420 के आरोपी राज्य में क्या काम करेंगे यह जनता को पता है.

BJP: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले आईआरसीटीसी मामले में राजद प्रमुख एवं पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत के मुकदमा चलाने के फैसले को लेकर राजनीति तेज हो गयी है. विशेष अदालत के फैसले से चुनाव से पहले राजद के लिए मुश्किल पैदा हो गयी है. भाजपा ने अदालत के फैसले को लेकर राजद पर हमला किया है. भाजपा ने कहा कि राजद नेता तेजस्वी यादव बिहार बदलने का दावा कर रहे हैं, लेकिन वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार के मामले में विशेष अदालत ने धोखाधड़ी के तहत मुकदमा चलाने की अनुमति दी है. अदालत ने तेजस्वी के खिलाफ धारा 420 के तहत मुकदमा चलाने को मंजूरी दी है. धारा 420 के आरोपी राज्य में क्या काम करेंगे यह जनता को पता है.


 पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अदालत ने लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को लेकर गंभीर टिप्पणी की है. लालू प्रसाद ने रेल मंत्री रहते नौकरी का वादा करके गरीब लोगों से जमीन हड़पने का काम किया. इस बाबत जांच एजेंसी ने अदालत के समक्ष पुख्ता सबूत पेश किया है. प्रसाद ने कहा कि राजद हमेशा सामाजिक न्याय की बात करती है. लेकिन वास्तविकता में राजद प्रमुख पर चारा चोरी, जमीन के बदले नौकरी, सरकारी ठेकों में हेराफेरी करने का काम किया है. बिहार के गरीबों से लालू परिवार ने नौकरी के एवज में जमीन लेने का काम किया गया. ऐसे में अगर बिहार के लोग तेजस्वी के नौकरी के झांसे में आएंगे तो उन्हें नौकरी के एवज में जमीन देनी होगी. 


तेजस्वी के पास करोड़ों की संपत्ति कैसे आयी

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लालू प्रसाद यादव ने रेल मंत्री रहते निजी फायदे के लिए पटना के सुजाता होटल को फायदा पहुंचाने का काम किया. सुजाता होटल के पक्ष में टेंडर प्रक्रिया को जानबूझकर बदला गया. इसके एवज में सुजाता होटल ने पटना में करोड़ों रुपये के कीमत की 3 एकड़ जमीन बेहद कम कीमत पर राजद सांसद प्रेम गुप्ता की कंपनी को दे दिया. बाद में प्रेमचंद गुप्ता ने इस जमीन को लालू परिवार के नाम कम कीमत पर हस्तांतरित कर दिया. प्रसाद ने कहा कि तेजस्वी जब बिहार के उप मुख्यमंत्री बने तो उस जमीन पर बिहार का सबसे बड़ा मॉल बनाने का काम शुरू किया और मॉल से निकली मिट्टी को सरकारी पार्क को बेचने का काम शुरू कर दिया.

यह दिखाता है कि लालू परिवार की मंशा हर जगह पैसा कमाने की है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि तेजस्वी यादव के वर्ष 2020 के चुनावी हलफनामे में 1993 से 2007 तक कृषि योग्य 9 जमीन होने की बात कही, जिसमें 3 पटना और 6 गोपालगंज में होने का दावा किया. वहीं पटना में 2 प्लॉट होने की बात कही. सवाल उठता है कि 17 साल की आयु में तेजस्वी के पास इतनी जमीन कैसे आ गयी.  

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Author: Vinay Tiwari

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