BJP: भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा दो दिन झारखंड में रहेंगे मौजूद

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का दो दिवसीय झारखंड दौरा कई मायने में अहम माना जा रहा है. क्योंकि कयास लगाए जा रहे हैं कि झारखंड में झामुमो के नेतृत्व में सरकार का स्वरूप बदल सकता है और कांग्रेस और राजद कोटे के मंत्रियों की छुट्टी कैबिनेट से हो सकती है.

BJP: झारखंड में राजनीतिक तौर पर बदलाव की खबर चल रही है. ऐसी खबर है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा का गठबंधन भाजपा से हो सकता है. इस अटकलों के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा दो दिवसीय दौरे पर झारखंड में रहेंगे. नड्डा शुक्रवार को देर शाम देवघर एयरपोर्ट पहुंचेंगे जहां पार्टी के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं की ओर से स्वागत किया जाएगा. शुक्रवार को वे रात में 9 बजे राज्य अतिथिशाला में झारखंड प्रदेश भाजपा कोर कमिटी के साथ बैठक करेंगे और रात में वहीं विश्राम करेंगे. 

अगले दिन शनिवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सुबह बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा अर्चना करेंगे और फिर सुबह 10 बजे देवघर में ही नवनिर्मित जिला भाजपा कार्यालय का उद्घाटन करेंगे. कार्यालय के उद्घाटन के बाद वे पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे. इसके बाद जिला भाजपा कार्यालय में भाजपा झारखंड प्रदेश कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे. फिर शाम को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा एम्स, देवघर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के विकास कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे. 

झारखंड का दौरा है अहम

हाल के दिनों में झारखंड में व्यापक राजनीतिक बदलाव की खबर सामने आयी है. ऐसी खबर है कि राज्य की मौजूदा सरकार का स्वरूप बदल सकता है. मौजूदा समय में झारखंड में हेमंत सोरेन की अगुवाई में इंडिया गठबंधन की सरकार है. लेकिन बिहार चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के नाराजगी किसी से छुपी नहीं है. इस नाराजगी के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि झारखंड में झामुमो के नेतृत्व में सरकार का स्वरूप बदल सकता है और कांग्रेस और राजद कोटे के मंत्रियों की छुट्टी कैबिनेट से हो सकती है. इस माहौल के बीच भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का दो दिवसीय झारखंड दौरा कई मायने में अहम माना जा रहा है. हालांकि अभी तक इस बारे में आधिकारिक रूप से कुछ भी सामने नहीं आया है, लेकिन, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की इंडिया गठबंधन से नाराजगी की बात उनके करीबी बता रहे हैं. 

गठबंधन के तहत बिहार में सीट न मिलने से बढ़ी नाराजगी

सूत्रों का यह भी कहना है कि बिहार चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से सिम्बोलिक तौर पर भी एक सीट मांगी गयी थी, जिसे गठबंधन की ओर से नजरअंदाज कर दिया गया. इससे वह इतने आहत हुए कि उन्होंने तब ही झारखंड में भी गठबंधन की कोई जरूरत नहीं रहने की बात गठबंधन के नेताओं को बता दी थी. बताया जा रहा है कि उनके द्वारा की गयी घोषणाओं को जमीन पर उतारने और राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए वह केंद्र सरकार के साथ संबंध सामान्य कर आगे बढ़ना चाह रहे हैं. इन सब कयासों के बीच देखना होगा कि आने वाले समय में झारखंड की राजनीति में बदलाव आता है या सिर्फ कयासबाजी तक सीमित रह जाता है. 

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Published by: Anjani kumar singh

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