सुप्रीम कोर्ट का भोजशाला मामले में फैसला, दरगाह की जमीन पर शुक्रवार की नमाज को मंजूरी

Bhojshala: धार के भोजशाला-कमाल मौला परिसर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार की नमाज़ के लिए परिसर से सटी खसरा नंबर 596 की जमीन इस्तेमाल करने की अनुमति दी है. राज्य सरकार को इस संबंध में जरूरी इंतजाम करने का आदेश दिया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला परिसर मामले में मुस्लिम पक्ष को राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (30 ऱगतब) को मुस्लिम समुदाय को परिसर से सटी दरगाह की जमीन पर शुक्रवार की नमाज अदा करने की अनुमति दे दी है. प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि वह यह तय करें कि मुस्लिम समुदाय के लोग शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच खसरा नंबर 596 वाली जमीन पर नमाज़ पढ़ सकें.

सुप्रीम कोर्ट की पीठ में प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के साथ न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना शामिल थे. अदालत ने साफ किया कि यह व्यवस्था अंतिम फैसला आने तक अंतरिम रूप से लागू रहेगी. पीठ ने कहा कि इस आदेश का अर्थ यह नहीं है कि राज्य सरकार और मुस्लिम पक्ष आपसी सहमति से नमाज के लिए कोई अन्य उपयुक्त स्थान तय नहीं कर सकते.

इससे पहले 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया था कि मामले का अंतिम निर्णय आने तक विवादित परिसर के पास शुक्रवार की नमाज के लिए अलग खुली जगह उपलब्ध कराई जाए.

मुस्लिम पक्ष ने वैकल्पिक जगह को लेकर जताई थी आपत्ति

मुस्लिम पक्ष की ओर से हाजी मुनीर अहमद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि कोर्ट के निर्देश के बावजूद प्रशासन द्वारा दी जा रही वैकल्पिक जगह विवादित भोजशाला परिसर से करीब 1.3 किलोमीटर दूर है. मुस्लिम पक्ष का कहना था कि नमाज के लिए ऐसी जगह होनी चाहिए, जो परिसर के नजदीक हो. उन्होंने दलील दी कि नमाज अदा करने वाले लोग उस स्थान को देख सकें, जिससे धार्मिक भावना जुड़ी हुई है.

सुप्रीम कोर्ट ने स्थल योजना के आधार पर लिया फैसला

मुस्लिम पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल केएम नटराज ने कोर्ट के समक्ष अपनी दलीलें रखीं. सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने आदेश को स्पष्ट करते हुए कहा कि खसरा नंबर 596 वाली जमीन दरगाह की बताई जाती है और यह विवादित परिसर से सटी हुई है. कोर्ट ने स्थल योजना का हवाला देते हुए कहा कि वहां पहुंचने के लिए अलग और स्वतंत्र रास्ता उपलब्ध है, इसलिए यह स्थान नमाज़ के लिए उपयुक्त प्रतीत होता है.

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने आदेश में कहा...

पहले के आदेश को इस सीमा तक स्पष्ट किया जाता है कि मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच खसरा नंबर 596 वाली जमीन पर नमाज़ पढ़ने की अनुमति दी जाए. यह जमीन दरगाह की बताई जाती है. स्थल योजना से पता चलता है कि यहां आने-जाने के लिए स्वतंत्र और अलग रास्ता उपलब्ध है, इसलिए यह स्थान उपयुक्त लगता है.

पीठ ने यह भी कहा कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से किसी अन्य स्थान का चयन कर सकते हैं.

मुस्लिम पक्ष ने प्रशासन पर लगाए आरोप

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने कहा कि भोजशाला परिसर के आसपास वक्फ की उपयुक्त जमीन उपलब्ध है, लेकिन राज्य प्रशासन कानून-व्यवस्था का हवाला देकर उसे उपलब्ध नहीं करा रहा है. उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि किसी गलत काम करने वाले के दबाव में नहीं झुका जा सकता.

भोजशाला विवाद?

धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला परिसर लंबे समय से धार्मिक विवाद का केंद्र रहा है. हिंदू पक्ष इसे देवी सरस्वती को समर्पित भोजशाला मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद बताता है. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 15 मई को अपने फैसले में कहा था कि विवादित परिसर का धार्मिक स्वरूप देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर का है. विवाद बढ़ने के बाद एएसआई ने 7 अप्रैल 2003 को आदेश जारी किया था. इसके तहत हिंदुओं को हर मंगलवार पूजा करने और मुसलमानों को हर शुक्रवार नमाज पढ़ने की अनुमति (परमिशन) दी गई.

Also Read: डिजिटल राजनीति में कांग्रेस और राहुल गांधी का जलवा, YouTube पर बीजेपी से कई गुना आगे


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By प्रीतीश सहाय

12 वर्षों से टीवी पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दे रहा हूं. रांची विश्वविद्यालय के पत्रकारिता विभाग से पढ़ाई की है. राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय विषयों के साथ-साथ विज्ञान और ब्रह्मांड विषयों पर रुचि है. बीते छह वर्षों से प्रभात खबर.कॉम के लिए काम कर रहा हूं. इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में काम करने के बाद डिजिटल जर्नलिज्म का अनुभव काफी अच्छा रहा है.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >