नयी दिल्ली: कोविशील्ड के बाद अब कोवैक्सीन (COVAXIN) की भी कीमत घट गयी है. ओमिक्रॉन समेत सार्स-Cov-2 के चिंतानजक स्वरूप (Variant of Concern) से लड़ने में कारगर कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक अब सस्ते में मिलेगी. सरकार से बातचीत करने के बाद कोविड-19 रोधी टीकाकरण के तहत पहली दो खुराकें लेने के छह महीने बाद कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक लोग ले सकेंगे. एक अध्ययन में यह बात सामने आयी है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट से लड़ने में कोवैक्सीन बेहद कारगर है.
1200 रुपये से घटकर 225 रुपये हुई कोवैक्सीन की कीमत
कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने आज मीडिया को जानकारी दी कि उसने अपने वैक्सीन की कीमत 1200 रुपये से घटाकर 225 रुपये प्रति डोज कर दी है. ये रेट प्राइवेट हॉस्पिटल के हैं. भारत बायोटेक की ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर सुचित्रा एला (Suchitra Ella) ने आज कहा कि सरकार के साथ बातचीत करने के बाद उनकी कंपनी ने कोवैक्सीन की कीमत घटाने का फैसला किया है.
ओमिक्रॉन के घातक वैरिएंट पर भी कारगर कोवैक्सीन
आईसीएमआर और भारत बायोटेक के एक अध्ययन में यह बात कही गयी है. पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ प्रज्ञा यादव ने कहा कि ज्यादातर टीकों के लक्षित क्षेत्र के भीतर कम से कम 30 उत्परिवर्तन के साथ ओमिक्रॉन फैलने से और टीके से उत्पन्न एंटीबॉडीज के इस पर असर न होने से इसका प्रसार बढ़ा तथा फिर से संक्रमण फैला.
एंटीबॉडी का असर कम होने की खबरों ने बढ़ायी चिंता
उन्होंने कहा कि इसके अलावा अन्य मान्यताप्राप्त टीकों के मामले में भी वायरस के चिंताजनक स्वरूप (वीओसी) पर एंटीबॉडी का असर कम होने की खबरों ने दुनियाभर में चिंता पैदा की. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और कोवैक्सीन के निर्माता भारत बायोटेक ने यह अध्ययन जनवरी में किया था और इसके नतीजे 24 मार्च को ‘जर्नल ऑफ ट्रैवल मेडिसिन’ में प्रकाशित हुए.
इन वैरिएंट्स पर अधिक देखी गयी एंटीबॉडी प्रतिक्रिया
एनआईवी के एक अन्य वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ गजानन सकपाल ने कहा, ‘अध्ययन में शामिल जिन लोगों को बूस्टर खुराक दी गयी, उनमें बी.1 और वीओसी -डेल्टा, बीटा और ओमिक्रॉन वैरिएंट्स के लिए एंटीबॉडी प्रतिक्रिया अधिक देखी गयी.’
कोवैक्सीन की बूस्टर डोज देती है मजबूत प्रतिरोधक क्षमता
उन्होंने कहा कि इससे यह संकेत मिलता है कि कोवैक्सीन की बूस्टर खुराक विषाणु को निष्प्रभावी करने संबंधी एंटीबॉडी प्रतिक्रिया पैदा करती है और प्रभावी तरीके से सार्स-सीओवी-2 के कई स्वरूपों को नष्ट कर देती है. सरकार ने शुक्रवार को घोषणा की कि 18 साल से अधिक आयु के लोग 10 अप्रैल से निजी टीकाकरण केंद्रों पर कोविड-19 रोधी टीके की एहतियाती खुराक ले सकते हैं.
Posted By: Mithilesh Jha
