प्रधानमंत्री मोदी पर बना बीबीसी डॉक्यूमेंट्री भारत के खिलाफ षड्यंत्र, बोले गोवा के राज्यपाल एस श्रीधरन

राज्यपाल ने पणजी के पास गणतंत्र दिवस की एक परेड का निरीक्षण करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चरित्र हनन’ देश के खिलाफ हमले, उनके अपमान और दुर्भावनापूर्ण कृत्य के समान है.

गोवा के राज्यपाल पी एस श्रीधरन पिल्लै ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और 2002 के गुजरात दंगों पर बना बीबीसी का विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री भारत के खिलाफ षड्यंत्र है. विदेश मंत्रालय ने डॉक्यूमेंट्री ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ की निंदा की है और इसे दुष्प्रचार वाला बताया है.

प्रधानमंत्री का चरित्र हनन देश के खिलाफ हमले जैसा : गोवा के राज्यपाल

राज्यपाल ने पणजी के पास गणतंत्र दिवस की एक परेड का निरीक्षण करने के बाद अपने संबोधन में कहा कि ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का चरित्र हनन’ देश के खिलाफ हमले, उनके अपमान और दुर्भावनापूर्ण कृत्य के समान है.

राज्यपाल पिल्लै ने कहा कि मौजूदा विवाद दुर्भावनापूर्ण है

राज्यपाल पिल्लै ने कहा कि चरित्र हनन के मामले में आम नागरिक अदालत में जा सकते हैं, लेकिन प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, उप राष्ट्रपति और मंत्रियों का प्रतिनिधित्व ऐसे मामलों में लोक अभियोजकों को करना होता है. पिल्लै ने कहा, इसका मतलब है कि प्रधानमंत्री का चरित्र हनन देश के खिलाफ हमले, उनका अपमान और दुर्भावनापूर्ण कृत्य के समान है. इसलिए मैं कहना चाहूंगा कि बीबीसी का यह कृत्य अच्छा नहीं है.

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बीबीसी स्वतंत्र संस्था नहीं, ब्रिटिश संसद के प्रति जवाबदेह

राज्यपाल ने कहा कि बीबीसी स्वतंत्र संस्था नहीं है और ब्रिटिश संसद के प्रति जवाबदेह है. उन्होंने कहा, मैं ब्रिटिश सरकार को जिम्मेदार नहीं ठहरा रहा लेकिन भारत के खिलाफ कोई षड्यंत्र है. पिल्लै ने कहा कि वह मौजूदा परिस्थितियों के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहते लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के ‘जी20 समूह का प्रमुख बनने’ के बाद उन्होंने ‘एक विश्व, एक परिवार, एक भविष्य’ का नारा दिया है.

भारतीय न्यायपालिका दुनिया में सर्वश्रेष्ठ

पिल्लै ने कहा कि हमारी कानून प्रणाली और परंपराओं के तहत प्रधानमंत्री के चरित्र पर हमला देश की संप्रभुता पर हमले के समान है. उन्होंने कहा, इस मामले में प्रधानमंत्री पर हमला भारतीय न्यायपालिका के लिए भी चुनौती है. भारतीय न्यायपालिका दुनिया में सर्वश्रेष्ठ है. उसने इस मामले (गुजरात दंगों) पर नजर रखी है और इससे प्रधानमंत्री को जोड़ने का सवाल ही नहीं है.

नोट – भाषा इनपुट के साथ.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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