Babri Demolition Case : अयोध्या में 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आज बुधवार को फैसला आ गया. CBI की विशेष अदालत ने बुधवार को अपना फैसला सुनाते हुए सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. CBI की विशेष अदालत से 32 आरोपियों को बरी किये जाने पर पाकिस्तान ने प्रतिक्रिया दी है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कोर्ट के फैसले की निंदा की है और आरोप लगाया है कि अदालत हिंदुत्व की विचारधारा को महत्व दे रही है.
बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में आये फैसले के बाद पाक ने भारत की बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि जिस पूर्वनियोजित रथ यात्रा और बीजेपी, विहिप और संघ परिवार के नेताओं के द्वारा भीड़ को उकसाने की वजह से मस्जिद का ढांचा गिराया गया, जिस आपराधिक कृत्य का टीवी पर लाइव प्रसारण हुआ, उस पर फैसला आने में तीन दशक लग गए. यह बीजेपी/आरएसएस शासन में न्यायपालिका के लचीले रवैया का उदाहरण है. भारतीय न्यायपालिका एक बार फिर न्याय देने में असफल रही.
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बता दें कि CBI की विशेष अदालत ने आज फैसला सुनाते हुए पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुरली मनोहर जोशी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, एमपी की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, बीजेपी के सीनियर नेता विनय कटियार समेत कुल 32 आरोपियों को बरी कर दिया है. वहीं ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वकील ज़फ़रयाब जिलानी ने कहा है कि अदालत ने साक्ष्यों को नज़रअंदाज़ कर दिया और सभी अभियुक्तों को बरी कर दिया. उन्होंने साथ ही कहा कि ‘अब इस मामले को उच्च न्यायालय में ले जाया जाएगा’
वहीं AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने बाबरी मस्जिद विध्वंस (Babri Demolition Verdict) मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे अदालत की तारीख का काला दिन करार दिया है. ओवैसी ने एक शेर ट्वीट कर फैसले पर निशाना साधा. उन्होंने ट्वीट में लिखा कि वही ‘क़ातिल वही मुंसिफ़ अदालत उस की वो शाहिद , बहुत से फ़ैसलों में अब तरफ़-दारी भी होती है.’
