राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने युवाओं की भर्ती समेत प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा की गतिविधियों के सिलसिले में शुक्रवार को असम के सात जिलों में 16 स्थानों पर तलाशी ली. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. छापेमारी के दौरान एनआईए ने गोला बारूद सहित उल्फा से संबंधित कई दस्तावेज जब्त किए हैं.
इन जिलों में एनआईए ने की छापेमारी
एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि कामरूप, नलबारी, डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, सादिया, चराईदेव और शिवसागर में तलाशी के दौरान यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) से जुड़े अभियोजनयोग्य दस्तावेजों एवं साहित्य के अलावा डिजिटल उपकरण एवं गोला-बारूद जब्त किया गया. प्रवक्ता ने कहा कि युवाओं की भर्ती, रंगदारी वसूली, गैरकानूनी गतिविधियों के लिए युवाओं को कट्टरपंथ का पाठ पढ़ाने जैसी उल्फा की गतिविधियों से जुड़े एक मामले में यह तलाशी ली गयी. एनआईए ने स्वत: संज्ञान लेकर 18 मई को मामला दर्ज किया था.
गृह मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में किया खुलासा
गौरतलब है कि गृह मंत्रालय ने उल्फा को लेकर पिछले महीने एक रिपोर्ट जारी की थी. इसमें कहा गया था कि प्रतिबंधित संगठन उल्फा असम के साथ साथ राजधानी दिल्ली और कई राज्यों में भर्ती और ट्रेनिंग देने में जुटा है. गृह मंत्रालय ने इस संबंध में एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो को मामले की जांच करने के आदेश दिए थे. वहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि, उल्फा भारत और म्यांमार की सीमा पर नया ट्रेनिंग कैंप खोला है.
कई हमलों में उल्फा का नाम शामिल
उल्फा असम के कुछ इलाकों में सक्रिय है. इसकी स्थापना 7 अगस्त 1979 को हुई थी. असम में ऐसे कई हमले हुए हैं, जिनमें उल्फा का नाम सामने आया है. उल्फा पर राज्य सरकार समेत गृह मंत्रालय ने प्रतिबंध लगाया हुआ है. इसके अलावा नए युवाओं को संगठन में भर्ती करवाने में उल्फा फिलहाल सक्रिय है.
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भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद
वहीं, बीते दिन असम पुलिस ने भी भारी मात्रा मं विस्फोटक जब्त किए थे. पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया था कि कामरुप जिले में जिलेटिन की 2,800 छड़ें और 1,500 इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर बरामद किए गए हैं. इस संबंध में पुलिस ने एक की गिरफ्तारी भी की थी. हालांकि इस मामले में उल्फा के होने की कोई खबर सामने नहीं आई है.
