Assam News: सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने रतन टाटा के साथ तस्वीर शेयर की, युवाओं को दी बड़ी खुशखबरी

Assam News: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा के साथ अपनी एक तस्वीर सोशल मीडिया एक्स पर शेयर की. तस्वीर में सरमा टाटा का हाथ थामे दिख रहे हैं. असम के सीएम ने तस्वीर शेयर करने के साथ बताया कि टाटा के साथ एक कौशल विकास केंद्र बनाने पर सहमति हुई है. जो जगीरोड में सेमीकंडक्टर सुविधा परिसर के भीतर होगा. सरमा ने बताया, केंद्र उत्तर प्रदेश के युवाओं को सशक्त बनाएगा. केंद्र का उद्देश्य युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पाठ्यक्रम प्रदान करना है. साथ ही इससे जगीरोड इकाई में नौकरियां मिलने में भी मदद होगी.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ट्वीट कर बताया कि पहले से ही असम के 1500 युवा, मुख्य रूप से महिलाएं, बैंगलोर और उसके आसपास टाटा सुविधाओं में प्रशिक्षण ले रहे हैं.

मालूम हो इसी माह 13 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में 1.25 लाख करोड़ रुपये की लागत वाले तीन सेमीकंडक्टर केंद्रों की आधारशिला रखी थी. जिनमें असम के मोरीगांव में 27 हजार करोड़ रुपये के खर्च पर बनने वाला केंद्र भी शामिल है.

टाटा के सेमीकंडक्टर संयंत्र सभी क्षेत्रों को करेंगे चिप आपूर्ति, 72,000 रोजगार पैदा होंगे

टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने पिछले दिनों कहा था कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सेमीकंडक्टर संयंत्र धीरे-धीरे चिप की आपूर्ति करके चरणबद्ध तरीके से सभी क्षेत्रों को सेवाएं देंगे और आने वाले वर्षों में लगभग 72,000 रोजगार पैदा करेंगे. चंद्रशेखरन ने गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के 91,000 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित चिप विनिर्माण संयंत्र और असम में 27,000 करोड़ रुपये की चिप असेंबली इकाई के शिलान्यास समारोह में कहा था कि आगे चलकर इन परियोजनाओं का विस्तार भी होगा लेकिन शुरुआती मील के पत्थर पार करने के बाद ही ऐसा होगा. टाटा का चिप संयंत्र 28 नैनोमीटर (एनएम) से 110 नैनोमीटर नोड्स में चिप का उत्पादन करने में सक्षम है. स्मार्टफोन, टैबलेट जैसे उच्च-प्रौद्योगिकी उपकरणों के लिए मुख्य रूप से तीन एनएम, सात एनएम और 14 एनएम जैसे छोटे नोड्स वाले चिप की जरूरत होती है.

सेमीकंडक्टर संयंत्र लगने से बड़ी संख्या में नौकरियां पैदा होंगीं

चन्द्रशेखरन ने कहा था कि इन संयंत्रों के लगने से बड़ी संख्या में नौकरियां पैदा होंगी. उन्होंने कहा था कि हम यहां 50,000 नौकरियां और असम के संयंत्र में 20,000-22,000 नौकरियां तलाश रहे हैं. लेकिन इसमें समय लगेगा. जैसे-जैसे हम शुरुआती मील के पत्थर पार करेंगे, हम इसका विस्तार करेंगे.

Also Read: ‘मैं रमेश को नहीं भूल सकता…’, तमिलनाडु में भाषण के बीच भावुक हुए पीएम मोदी, छलका दर्द

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >