Women Reservation: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तब समाजवादी पार्टी (सपा) और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) जैसे अपने सहयोगियों की महिला विरोधी नीतियों के आगे घुटने टेक दिए, जब उन्होंने संसद में आरक्षण विधेयक को पारित होने से रोक दिया था. शर्मा ने दावा किया कि कांग्रेस विधायकों को पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से निर्देश मिले थे कि प्रस्ताव पारित किये जाने के समय वे सदन में उपस्थित न रहें. जब सीएम सरमा ने प्रस्ताव पर बोलना शुरू किया, तो कांग्रेस और रायजोर दल के विधायक कुछ देर के लिए सदन से बाहर चले गए. हालांकि, प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होने से पहले कांग्रेस सदस्य वापस सदन में लौट आए.
महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अजंता नियोग ने प्रस्ताव पेश किया
महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अजंता नियोग ने सोमवार को प्रस्ताव पेश किया था. प्रस्ताव में कहा गया परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संसद और सभी विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू किया जाना चाहिए.
नारी शक्ति को सम्मान देने की एक समृद्ध परंपरा रही है : सीएम सरमा
प्रस्ताव का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में देवी कामाख्या से लेकर अहोम राजकुमारी जॉयमोती और स्वतंत्रता सेनानी कनकलता तक, नारी शक्ति को सम्मान देने की एक समृद्ध परंपरा रही है. उन्होंने राज्य में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 40 लाख महिलाओं के योगदान का भी उल्लेख किया, जो अर्थव्यवस्था में अपना योगदान दे रही हैं. इसके बाद ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित कर दिया गया.
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