ओवैसी का दावा, भविष्य में हिजाब पहनने वाली महिला बनेगी देश की प्रधानमंत्री, बवाल

Asaduddin Owaisi Statement: एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया है कि एक दिन हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री बनेगी. इधर ओवैसी के दावे पर विवाद शुरू हो चुका है. बीजेपी ने AIMIM चीफ पर जोरदार हमला बोला है.

Asaduddin Owaisi Statement: AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भारत और पाकिस्तान की तुलना करते हुए कहा, भारत का संविधान सभी समुदायों के लोगों को समान दर्जा देता है जबकि पाकिस्तान का संविधान शीर्ष संवैधानिक पदों के लिए केवल एक ही समुदाय तक सीमित है.

बीजेपी ने ओवैसी पर बोला हमला

बीजेपी सांसद अनिल बोंदे ने ओवैसी के बयान को गैरजिम्मेदाराना बताया. उन्होंने कहा- हैदराबाद के सांसद आधा सच पेश कर रहे हैं. बोंदे ने ईरान में महिलाओं द्वारा हिजाब के खिलाफ किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों का हवाला देते हुए दावा किया कि मुस्लिम महिलाएं हिजाब नहीं चाहतीं क्योंकि कोई भी गुलामी पसंद नहीं करता. ओवैसी के बयान पर BJP MLA बालमुकुंद आचार्य ने कहा, इस तरह की बकवास उन लोगों के दिमाग में चलती रहेगी जो तुष्टीकरण की राजनीति करते हैं और एक खास समुदाय के आधार पर राजनीति करते हैं. आप भारत के बारे में बात क्यों नहीं करते? आपके दिमाग में सिर्फ पाकिस्तान ही चलता है. जो लोग धर्म के आधार पर अपना देश चुनना चाहते थे, जो शरिया कानून के आधार पर अपना देश चलाना चाहते थे, उन्होंने अपना फैसला किया और जिन्ना के साथ चले गए. लेकिन आज भी, जिन्ना का भूत यहां कुछ लोगों को परेशान करता है, और यह बार-बार सामने आता रहता है.

शायद यह देखने के लिए जीवित न रहें : ओवैसी

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख ओवैसी ने 15 जनवरी को होने वाले नगर निकाय चुनावों से पहले महाराष्ट्र के सोलापुर में शुक्रवार को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, भारत का संविधान सभी को बराबरी का अधिकार देता है, पाकिस्तान के संविधान की तरह नहीं जो शीर्ष संवैधानिक पदों के लिए केवल एक ही समुदाय तक सीमित है. उन्होंने कहा कि शायद वह इसे देखने के लिए जीवित न रहें लेकिन भविष्य में ऐसा समय जरूर आएगा जब हिजाब पहनने वाली महिला भारत की प्रधानमंत्री पद की शपथ लेगी.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials) अरबिंद शैक्षणिक रूप से भी पत्रकारिता और क्षेत्रीय विषयों के गहरे जानकार हैं:

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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