अग्निवीर को मिल सकती है खुशखबरीः 4 साल बाद अब 25 प्रतिशत नहीं, 50-75 प्रतिशत तक हो सकती है स्थायी नौकरी

Agnipath Scheme : अग्निवीर योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच का चार साल का कार्यकाल अक्टूबर 2026 में पूरा होगा. केंद्र सरकार अग्निपथ योजना के तहत पहले बैच के अधिक अग्निवीरों को स्थायी सेवा देने पर विचार कर रही है, जिसमें अब 25 प्रतिशत नहीं, 50-75 प्रतिशत तक रिटेंशन का प्रस्ताव दिया जा सकता है. हालांकि, इस पर अभी सरकार या तीनों सेनाओं की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है.

Agnipath Scheme : अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों के लिए राहत की खबर सामने आई है. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, केंद्र सरकार चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले पहले बैच के अधिक अग्निवीरों को स्थायी सेवा में शामिल करने पर विचार कर रही है. हालांकि, इस संबंध में अभी तक सरकार या तीनों सेनाओं की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है.

सेनाओं ने बढ़ाई रिटेंशन की मांग

भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना ने मौजूदा 25 प्रतिशत रिटेंशन सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है. नौसेना ने 75 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित सेवा में शामिल करने की सिफारिश की है, जबकि सेना और वायुसेना ने इसे 50 प्रतिशत तक बढ़ाने का सुझाव दिया है. इस प्रस्ताव पर रक्षा मंत्रालय के सैन्य मामलों के विभाग (DMA) में चर्चा हो सकती है.

क्यों बढ़ाई जा सकती है संख्या

हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, भारतीय सेना में प्रशिक्षित जवानों को बनाए रखने के लिए सेना में करीब 1.8 लाख कर्मियों की कमी दूर करने और ऑपरेशनल तैयारियों को मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है. यदि कुल रिटेंशन नहीं बढ़ता है, तो विशेषज्ञ और तकनीकी यूनिटों में अधिक अग्निवीरों को समायोजित करने का विकल्प भी विचाराधीन है. अगले भर्ती चक्र में अग्निवीरों की संख्या 90 हजार तक पहुंच सकती है.

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क्या है अग्निपथ योजना

केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी. इसके तहत 17.5 से 21 वर्ष (पहले बैच के लिए 23 वर्ष तक) के युवाओं की चार साल के लिए सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती की जाती है. सेवा पूरी होने के बाद वर्तमान नियमों के अनुसार अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को प्रदर्शन और आवश्यकता के आधार पर स्थायी सेवा मिलती है, जबकि बाकी को टैक्स-फ्री ‘सेवा निधि’ पैकेज, स्किल सर्टिफिकेट और अन्य लाभ दिए जाते हैं.

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शुरुआत से विवादों में रही योजना

अग्निपथ योजना की शुरुआत से ही इसे लेकर नौकरी की सुरक्षा, पेंशन और भविष्य को लेकर सवाल उठते रहे हैं. खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में विरोध प्रदर्शन भी हुए थे. विपक्षी नेताओं ने भी योजना में बदलाव की मांग की थी. अब रिटेंशन बढ़ाने की संभावनाओं की खबर ने लाखों अग्निवीरों और भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं की उम्मीदें बढ़ा दी हैं. हालांकि, अंतिम फैसला केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा.

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By Satyendra Giri

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