नयी दिल्ली : महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में सूखा प्रभावित लातूर के लोगों को पानी पहुंचाने पर राजनीति जारी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रतिदिन 10 लाख लीटर पानी देने के प्रस्ताव को महाराष्ट्र सरकार ने खारिज कर दिया है जिसे राजनीति से जोड़कर देखा जा रहा है लेकिन दिल्ली की आप सरकार को अपने इस प्रस्ताव पर पीएम नरेंद्र मोदी से जवाब का इंतजार है.
दिल्ली से लातूर अगले दो महीने के लिए हर दिन 10 लाख लीटर पानी भेजने के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कदम पर भाजपा ने हैरानी जताते हुए कहा कि सरकार आखिर कैसे इस तरह के प्रस्ताव के बारे में सोच सकती है जबकि शहर खुद पानी की कमी से जूझ रहा है. इसे राजनीतिक फायदे के लिए उठाया गया कदम बताते हुए दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली से महाराष्ट्र के लातूर में पानी भेजना संभव नहीं है.
लातूर भीषण जल संकट से जूझ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मंगलवार को लिखे पत्र में केजरीवाल ने अगले दो महीनों में दिल्ली से लातूर प्रतिदिन 10 लाख लीटर पानी भेजने के लिए केंद्र से मदद मांगी है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस संबंध में ट्वीट किया था कि लातूर में पानी की काफी दिक्कत है. हम सबको मदद करने की आवश्यकता है. क्या सभी दिल्लीवासी इसके लिए तैयार हैं, हर दिन कुछ पानी को बचाएं और लातूर के अपने लोगों को भेजें?
मामले को लेकर दिल्ली के जल मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि सीएम साहब ने सराहना करते हुए पीएम को पत्र लिखा है इसलिए उनके जवाब का हमें इंतज़ार है और क्योंकि महाराष्ट्र को हमने पत्र नहीं लिखा है. एक निजी चैनल से बातचीत में कपिल मिश्रा ने कहा कि माना हमारे यहां भी कुछ जगह पानी की कमी है, लेकिन हमारे लिए थोड़ा-सा पानी भेजना संभव हैं कुल 340 करोड़ लीटर पानी हम रोज साफ करके भेजते है और उसमें से 10 लाख लीटर देने की बात कही है. कपिल मिश्रा ने कहा कि ज़रूरी नहीं कि जब हमारा पेट भरा हो तभी हम दूसरे का ख्याल करें.
