विकासशील देशों के साथ अपने गठजोड़ को मजबूत करे भारत : एसोचैम

नयी दिल्ली: बाली में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की बैठक से पहले उद्योग मंडल एसोचैम ने सरकार से अन्य प्रभावशाली विकासशील देशों मसलन चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया व ब्राजील के साथ अपने गठजोड़ को और मजबूत करने पर जोर दिया.... उद्योग मंडल का कहना है कि खाद्य सब्सिडी के मुद्दे पर अमीर राष्ट्रों के दबाव […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 2, 2013 8:58 PM

नयी दिल्ली: बाली में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की बैठक से पहले उद्योग मंडल एसोचैम ने सरकार से अन्य प्रभावशाली विकासशील देशों मसलन चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया व ब्राजील के साथ अपने गठजोड़ को और मजबूत करने पर जोर दिया.

उद्योग मंडल का कहना है कि खाद्य सब्सिडी के मुद्दे पर अमीर राष्ट्रों के दबाव से निपटने के लिए भारत को विकासशील देशों के साथ संबंधों को मजबूत करना चाहिए.

एसोचैम के अध्यक्ष राणा कपूर ने आज यहां कहा, ‘‘हमें अपना गठजोड़ मजबूत करना चाहिए, विशेष रुप से चीन, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया व ब्राजील जैसे अन्य प्रभावशाली विकासशील देशों से. इससे हम दुनिया के अधिकांश हिस्सों में किसानों और गरीब उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा कर पाएंगे.’’ कपूर ने कहा कि भारत सरकार खाद्य सब्सिडी के मुद्दे पर किसी तरह का समझौता नहीं करेगी. चार दिन का डब्ल्यूटीओ मंत्री स्तरीय सम्मेलन कल से शुरु हो रहा है. सम्मेलन में भाग लेने के लिए वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा की अगुवाई में 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बाली गया है.

भारत कृषि पर डब्ल्यूटीओ समझौते में संशोधन चाहता है जिसके तहत खाद्य सब्सिडी की सीमा 10 प्रतिशत रखी गई है. ऐसी आशंका है कि अपनी खाद्य सुरक्षा योजना को लागू करने के दौरान भारत यह सीमा लांघ सकता है. खाद्य सुरक्षा कानून के तहत देश के 82 करोड़ लोगों को प्रति व्यक्ति प्रति माह एक से तीन रुपये किलो की दर पर 5 किलो अनाज मिलेगा. बाली में डब्ल्यूटीओ की मंत्री स्तरीय बैठक 3 से 6 दिसंबर तक होगी.