Defense: आधुनिक, आत्मनिर्भर और भविष्य की सेना तैयार करने पर है फोकस

सीमाओं पर सदैव सतर्क और संकट के समय अडिग रहने वाली भारतीय सेना अनुशासन और मानवीय सेवा के जरिये वैश्विक सम्मान अर्जित किया है. आधुनिक, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार सेना के निर्माण के प्रति सरकार वचनबद्ध है.

Defense: भारतीय सेना भविष्य के युद्ध के लिए खुद को तैयार करने में जुटी है. वर्ष 2026 और वर्ष 2027 में सेना में नेटवर्किंग और डेटा आधारित लड़ाई के लिए तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. गुरुवार को जयपुर में आयोजित आर्मी डे परेड को संबोधित करते हुए सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यह बात कही. उन्होंने कहा कि इस फैसले से सेना के बीच सूचना का प्रसार, कनेक्टिविटी और समन्वय बेहतर होगा. इससे सेना को समय पर कार्रवाई करने का मौका मिलेगा. मौजूदा साल और अगले साल को नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिक साल घोषित किया गया है ताकि सेना को युद्ध के बदलते परिदृश्य के लिए तैयार किया जा सके. 


सेना में नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिंक का मतलब होता है सेना को डिजिटली एक दूसरे से जोड़ना ताकि डेटा बिना किसी बाधा के एक यूनिट से दूसरे यूनिट तक आसानी से पहुंच सके. इससे सेना को फैसला लेने में देर नहीं लगती है तो उसका क्रियान्वयन भी तेज गति से होता है. सेना प्रमुख ने कहा कि मौजूदा समय में हालात के अनुसार जो फैसले तेजी से लेता है उसका पलड़ा भारी होता है.


वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सेना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर भारतीय सेना के वीर जवानों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामना देते हुए कहा कि देश सेना के अदम्य साहस, सर्वोच्च बलिदान और देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को सलाम करता है. सीमाओं पर सदैव सतर्क और संकट के समय अडिग रहने वाली भारतीय सेना ने अपनी व्यावसायिकता, अनुशासन और मानवीय सेवा के जरिये वैश्विक सम्मान अर्जित किया है. आधुनिक, आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार सेना के निर्माण के प्रति सरकार की वचनबद्ध है. 


सेना को आधुनिक बनाने की पहल

वर्ष 2023 में सेना को आधुनिक बनाने के लिए रोडमैप तैयार किया गया था. इस रोडमैप के तहत ही नेटवर्किंग और डेटा आधारित सेना को तैयार किया जा रहा है. सेना का मानना है कि युद्ध के बदलते तरीके को देखते हुए सेना का आधुनिक होना जरूरी है. आर्मी परेड के दौरान सेना प्रमुख ने पिछले साल चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर का भी जिक्र किया. ऑपरेशन सिंदूर सेना की सतत निगरानी और आक्रामक कार्रवाई का सबसे अच्छा उदाहरण है. 

सेना प्रमुख ने कहा कि सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने वर्षों पुरानी मांग इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप के गठन को मंजूरी दी है. इस बैटल ग्रुप की पहली यूनिट चीन सीमा पर तैनात 17 माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स के तहत तैनात होगी. वर्ष 2020 में चीन के साथ हुए सीमा विवाद के बाद इस फैसले को काफी अहम माना जा रहा है. इस यूनिट के बाद भौगोलिक स्थिति के आधार पर सभी तरह के हथियार और उपकरण मिलेंगे. इसमें आर्टिलरी, सिग्नल, एयर डिफेंस, इंजीनियरिंग सभी एक साथ होंगे. इसके अलावा रूद्र, भैरव ब्रिगेड का गठन किया गया है. ड्रोन के लिए शक्तिबान रेजिमेंट का गठन किया जा रहा है. साथ ही हाल में सेना प्रमुख ने रॉकेट फोर्स बनाने पर भी जोर दिया है. सेना को आधुनिक बनाने के लिए कई और कदम उठाए जा रहे हैं. 

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Vinay tiwari

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >