Maharashtra में स्याही पर संग्राम: उद्धव ने लगाया लोकतंत्र की हत्या का आरोप, BMC ने किया खारिज

Maharashtra Civic Body Election: महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव के लिए मतदान 15 जनवरी यानी आज खत्म हो गया. मतदान जब शुरू हुआ तो स्याही को लेकर जमकर राजनीति हुई. वोटरों को लगाई जाने वाली स्याही के मिटने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. जिसपर उद्धव ठाकरे ने सरकार और बीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया.

Maharashtra Civic Body Election: स्याही विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना UBT प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा, कई जगह से शिकायतें आ रही हैं. कुछ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से गायब हैं. पहली बार हम देख रहे हैं कि लगाई गई स्याही को साफ किया जा सकता है. ये लोग यह सब गड़बड़ कर रहे हैं, और इसीलिए मैंने कहा कि चुनाव आयोग या कमिश्नर क्या करते हैं? पुरानी EVM मशीनें लगाई गई हैं. इन लोगों में सत्ता पाने का इतना लालच है; मैंने ऐसी बेशर्म सरकार कभी नहीं देखी. अब हम विरोध करेंगे, सभी लोग विरोध करेंगे. इसीलिए वे वन नेशन वन इलेक्शन चाहते हैं, ताकि वे पूरे देश में एक ही समय में धोखाधड़ी और गड़बड़ी कर सकें, और पूरे देश पर कब्जा कर सकें. उन्होंने इसे लोकतंत्र की सरेआम हत्या बताया.

पक्की स्याही मिटने का वीडियो वायरल, बीएमसी ने दावों को किया खारिज

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) चुनावों के लिए मतदान शुरू होते ही सोशल मीडिया पर आम मतदाताओं, नेताओं और मीडियाकर्मियों के ऐसे कई वीडियो सामने आये जिनमें वे मतदान के बाद अपनी उंगलियों पर लगी पक्की स्याही को एसीटोन से मिटाते हुए दिखाई दे रहे हैं. बीएमसी ने हालांकि उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि चुनावों के दौरान मतदाताओं की उंगलियों पर जो स्याही लगाई गई थी वह आसानी से मिट रही है.

कांग्रेस ने वीडियो किया जारी

कांग्रेस की मुंबई इकाई की नेता एवं लोकसभा सदस्य वर्षा गायकवाड़ ने अपने पार्टी सहयोगी का एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें वह अपनी उंगली में लगी स्याही मिटाने के लिए एसीटोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, क्या बीएमसी जवाबदेही से पल्ला झाड़ रही है? सुबह से हमें कई शिकायतें मिल रही हैं कि मताधिकार का निशान दिखाने के लिए इस्तेमाल की जा रही स्याही आसानी से मिटाई जा सकती है. मेरे सहयोगी और उनकी पत्नी यहां दिखा रहे हैं कि इस स्याही को एसीटोन या नेल पॉलिश रिमूवर से कितनी आसानी से मिटाया जा सकता है.

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Published by: ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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