ओबामा ने फिर की भारत को सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता दिये जाने की पैरवी की

नयी दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक भारतीय साप्ताहिक समाचार पत्रिका को दिये अपने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भारत को सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता दिये जाने की पैरवी की. इससे पहले भी कम से कम एक बार ओबामा भारत को संयुक्त राष्ट्र संघ का स्थायी सदस्य बनाने का समर्थन कर चुके हैं. उन्होंने […]

नयी दिल्ली : अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक भारतीय साप्ताहिक समाचार पत्रिका को दिये अपने एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में भारत को सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता दिये जाने की पैरवी की. इससे पहले भी कम से कम एक बार ओबामा भारत को संयुक्त राष्ट्र संघ का स्थायी सदस्य बनाने का समर्थन कर चुके हैं. उन्होंने इससे पहले छह से नौ नवंबर 2010 को भारत के दौरे के दौरान संसद को संबोधित करने के दौरान भारत को संयुक्त राष्ट्र संघ का स्थायी सदस्य बनाने का समर्थन किया था.
ओबामा ने अपने इंटरव्यू में मोदी की ऊर्जा की तारीफ की और कहा कि वे उनकी ऊर्जा से प्रभावित हैं. उन्होंने कहा कि वे विकास के रास्ते से रोड़ अटकाने वाले मुद्दों को फौरन दूर करने के लिए तैयार हैं. बराक ओबामा ने भारत-अमेरिका को स्वाभाविक सहयोगी बताया. उन्होंने कहा कि हम भारत-अमेरिका दोनों लोकतंत्र हैं और आविष्कार, विज्ञान व तकनीक के अगुवा हैं.
उन्होंने कहा कि अमेरिकी कंपनियां भारत में आधारभूत ढांचे को बेहतर करने के लिए तैयार हैं, ताकि भारत की विकास की रफ्तार तेज हो. उन्होंने कहा कि भारत की संसद में मैंने जो विजन रखा था, उसे पूरा करने का समय आ गया है. उन्होंने कहा कि उन्हें राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने का बेसब्री से इंतजार है. उन्होंने खुद को भारत से मिले निमंत्रण से स्वयं को गौनवान्वित महसूस करने की भी बात कही. अमेरिकी राष्ट्रपति ने जी 20 की भूमिका बढ़ाए जाने पर खुद के द्वारा जोर दिये जाने का उल्लेख किया, ताकि भारत सहित उभरती अर्थव्यवस्थाओं की आवाज सुनी जा सके. इसके लिए उन्होंने भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को नया कलेवर देने और इसमें भारत को स्थायी सदस्य बनाये जाने की बात कही.

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